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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध अब महायुद्ध के धमाकों में बदलने को तैयार है। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) का ऐलान कर दिया है। इस फैसले ने आग में घी का काम किया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार ने सीधे ट्रंप को चुनौती देते हुए कहा है कि खाड़ी में मौजूद अमेरिकी युद्धपोत उनकी मिसाइलों के आसान शिकार हैं।

'ट्रंप न बनें समुद्र के पुलिस अधिकारी', ईरान का तीखा प्रहार

ईरानी सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार रेज़ाई ने बुधवार को एक बेहद आक्रामक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, "श्री ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य के 'पुलिस अधिकारी' बनने का ख्वाब देख रहे हैं, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके जहाज हमारी पहली मिसाइल के हमले में ही समुद्र की गहराइयों में समा जाएंगे।" ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी समुद्री सीमा में अमेरिकी निगरानी को बर्दाश्त नहीं करेगा और इसे अमेरिकी सेना के लिए 'आत्मघाती' कदम करार दिया है।

युद्धविराम पर सस्पेंस: रेज़ाई बोले- 'शांति की कोई गुंजाइश नहीं'

इस्लामाबाद में चल रहे कूटनीतिक प्रयासों के बीच रेज़ाई ने युद्धविराम (Ceasefire) की संभावनाओं को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे व्यक्तिगत रूप से युद्धविराम को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया उम्मीद कर रही थी कि बातचीत के जरिए तनाव कम होगा, लेकिन ईरान के इस सख्त रुख ने कूटनीतिक रास्तों पर कांटे बिछा दिए हैं।

व्हाइट हाउस का कड़ा रुख: 'नाकाबंदी से पीछे नहीं हटेगा अमेरिका'

ईरान की धमकियों के बीच व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने उन खबरों को 'फर्जी' करार दिया जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने युद्धविराम बढ़ाने का अनुरोध किया है। लेविट ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया:

सख्ती से लागू है नाकाबंदी: ओमान की खाड़ी और अरब सागर में स्थित सभी ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी पहरा बैठ गया है।

सभी देशों के लिए चेतावनी: जो भी जहाज ईरानी बंदरगाहों की ओर जाएगा, चाहे वह किसी भी देश का हो, उसे अमेरिकी नौसेना द्वारा रोका जाएगा।

सेंटकॉम का ऑपरेशन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के जहाज ओमान की खाड़ी में तैनात हैं और किसी भी उल्लंघन का जवाब देने के लिए चौबीसों घंटे तैयार हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना दुनिया का सबसे संवेदनशील इलाका

अमेरिका ने साफ किया है कि वह केवल उन जहाजों को रास्ता देगा जो गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं, ताकि 'नौवहन की स्वतंत्रता' (Freedom of Navigation) बनी रहे। हालांकि, ईरान ने इस पूरी घेराबंदी को अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है। ओमान की खाड़ी में अमेरिकी जहाजों की गश्त और ईरान की मिसाइल तैनातियों ने पूरी दुनिया की सप्लाई चेन और तेल बाजार में खौफ पैदा कर दिया है।