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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने एक गैंगस्टर द्वारा किए गए खुलासे को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधा जवाब मांगा है। जाखड़ ने कहा कि यदि असम जेल से बटाला लाए गए गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया से मुख्यमंत्री की कोई बातचीत हुई है, तो इसकी समयबद्ध और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक गैंगस्टर खुलकर पंजाब सरकार को चुनौती दे रहा है, वह राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। जाखड़ ने यह भी कहा कि राणा बलाचौरिया की मौत के बाद हुए एनकाउंटर को लेकर भी कई शंकाएं सामने आ रही हैं, जिनकी जांच जरूरी है।

मुख्यमंत्री खुद दें स्पष्टीकरण

सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की कि वे स्वयं इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार पत्रकार वार्ताएं तो कर रहे हैं, लेकिन कानून व्यवस्था जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बात नहीं कर रहे। जनता को यह जानने का हक है कि क्या किसी गैंगस्टर से मुख्यमंत्री की बातचीत हुई थी या नहीं।

“भ्रम फैलाया गया, हम भरोसा बहाल करना चाहते हैं”

जाखड़ ने कहा कि पिछले कुछ समय में पंजाब की जनता के बीच कई तरह की भ्रांतियां फैलाई गईं। भाजपा उन गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता ने जो फैसला दिया, भाजपा उसे स्वीकार करती है और आगे भी जनता के भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश करती रहेगी।

पंजाब को चाहिए मजबूत क्षेत्रीय नेतृत्व

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब में एक मजबूत क्षेत्रीय और पंथक सोच वाली राजनीति जरूरी है, ताकि गैंगस्टरवाद जैसी समस्याओं पर प्रभावी तरीके से काबू पाया जा सके। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का गैंगस्टर या अपराधियों को संरक्षण देना गलत है और इससे समाज को नुकसान पहुंचता है।

मनरेगा पर विशेष इजलास को लेकर भी सवाल

मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा केंद्र सरकार के मनरेगा नाम बदलने के फैसले पर विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की घोषणा पर भी जाखड़ ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आम लोग पूछ रहे हैं कि क्या कानून व्यवस्था पर भी कभी विशेष इजलास बुलाया जाएगा?

उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में गड़बड़ियों की शिकायतें पहले से सामने आती रही हैं। जाखड़ ने कहा कि मजदूरों को जहां 100 दिन का रोजगार मिलना चाहिए, वहां उन्हें औसतन सिर्फ 39 दिन का ही काम मिल पा रहा है। ऐसे में नाम बदलने से ज्यादा जरूरी है कि व्यवस्था में सुधार किया जाए और कथित गबन पर सख्त कार्रवाई हो।

जाखड़ ने कहा कि गरीबों की चिंता तब करनी चाहिए, जब उन्हें उनका हक समय पर और ईमानदारी से मिले।