Prabhat Vaibhav,Digital Desk : हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाली 'खरमास' की अवधि आज से शुरू हो गई है। खरमास के लगते ही अगले एक महीने तक शादी-ब्याह, सगाई, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे तमाम शुभ और मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह से रोक लग गई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि में प्रवेश करते हैं, तो उनकी गति धीमी हो जाती है, जिसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दौरान किए गए मांगलिक कार्यों का फल शुभ नहीं होता, इसलिए इस पूरी अवधि में किसी भी नए काम की शुरुआत से बचना चाहिए।
शुभ कार्यों पर लगा 'ब्रेक', अब करना होगा लंबा इंतजार
हिंदू पंचांग के अनुसार, खरमास को एक अशुभ काल माना जाता है। इस समय सूर्य की किरणों का प्रभाव मंद पड़ जाता है, जिसके कारण ब्रह्मांडीय ऊर्जा सकारात्मक कार्यों के लिए पर्याप्त नहीं होती। यही वजह है कि सनातन परंपरा को मानने वाले लोग इस एक महीने के दौरान न तो नए घर की नींव रखते हैं और न ही व्यापार का शुभारंभ करते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, अब सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों के लिए शहनाइयां तब गूंजेंगी जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और खरमास समाप्त होगा। तब तक केवल भजन-कीर्तन, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान करने की ही सलाह दी जाती है।
इन राशियों पर मंडरा रहा है संकट, रहना होगा विशेष सावधान
खरमास का यह गोचर केवल मांगलिक कार्यों को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि सौरमंडल की इस हलचल का असर सभी 12 राशियों पर भी पड़ता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार खरमास की अवधि कुछ विशेष राशियों के लिए उतार-चढ़ाव भरी रह सकती है। मेष, वृश्चिक और धनु राशि के जातकों को इस समय विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है। इन राशियों के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, करियर में बाधा या मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि इस दौरान किसी भी बड़े निवेश या विवाद से बचें और सूर्य देव की उपासना करें।
खरमास में क्या करें और किन गलतियों से बचें?
धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही खरमास शुभ कार्यों के लिए वर्जित है, लेकिन यह आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ समय है। इस दौरान दान, जप और तप का फल कई गुना बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे सुबह सूर्योदय के समय 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें और जरूरतमंदों को गुड़, तिल या ऊनी वस्त्रों का दान करें। साथ ही, इस दौरान तामसिक भोजन और व्यसनों से दूरी बनाए रखना श्रेयस्कर रहता है। याद रखें, इस समय नया वाहन या संपत्ति खरीदना भी भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखना ही समझदारी है।
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