Prabhat Vaibhav,Digital Desk : विटामिन डी, जिसे 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है, हमारी हड्डियों और इम्यून सिस्टम के लिए रामबाण है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे लेने का गलत समय आपकी रातों की नींद खराब कर सकता है? हालिया शोधों और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, विटामिन डी के सेवन का सीधा संबंध हमारे शरीर के 'स्लीप हार्मोन' यानी मेलाटोनिन (Melatonin) से है। अगर आप भी रात के समय विटामिन डी की गोली लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
रात में विटामिन डी: मेलाटोनिन हार्मोन के लिए खतरा?
हेल्थ रिपोर्ट्स के अनुसार, विटामिन डी और मेलाटोनिन का शरीर में विपरीत संबंध होता है। सूरज की रोशनी (विटामिन डी का मुख्य स्रोत) दिन में मिलती है, जबकि मेलाटोनिन रात के अंधेरे में बनता है ताकि हमें गहरी नींद आ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि रात में विटामिन डी लेने से मस्तिष्क को 'दिन' होने का भ्रम हो सकता है, जिससे मेलाटोनिन का उत्पादन बाधित होता है। यह आपके प्राकृतिक 'सर्कैडियन रिदम' (नींद-जागने के चक्र) को बिगाड़ सकता है, जिससे नींद आने में कठिनाई या बार-बार नींद टूटने जैसी समस्या हो सकती है।
सेरोटोनिन और विटामिन डी का जटिल संतुलन
विटामिन डी हमारे मूड को नियंत्रित करने वाले 'सेरोटोनिन' (Serotonin) हार्मोन को भी प्रभावित करता है। शरीर में विटामिन डी की सही मात्रा सेरोटोनिन बनाने में मदद करती है, जो आगे चलकर मेलाटोनिन में बदलता है। लेकिन अगर रात के समय इसकी भारी खुराक ली जाए, तो यह प्रक्रिया असंतुलित हो सकती है। हालांकि, शोध यह भी बताते हैं कि विटामिन डी की कमी से भी नींद की गुणवत्ता खराब होती है, इसलिए इसका सही स्तर बनाए रखना अनिवार्य है, बस समय का चुनाव सही होना चाहिए।
बेहतर अवशोषण के लिए क्या है सबसे सही समय?
विटामिन डी एक 'फैट-सॉल्यूबल' (Vat-soluble) यानी वसा में घुलनशील विटामिन है। इसका मतलब है कि इसे खाली पेट लेने के बजाय किसी ऐसे भोजन के साथ लेना चाहिए जिसमें स्वस्थ वसा (Healthy Fats) हो, जैसे दूध, अंडा या नट्स।
विशेषज्ञों की सलाह: इसे सुबह के नाश्ते या दोपहर के खाने के साथ लेना सबसे उत्तम है। इससे शरीर को इसे सोखने का पर्याप्त समय मिलता है और रात की नींद पर भी कोई बुरा असर नहीं पड़ता।




