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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी (सपा) के अंदर एक बार फिर गुटबाजी और असंतोष का मामला सामने आया है। सांसद रुचि वीरा और पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन के बीच टिकट के मुद्दे से उपजी नाराज़गी अभी तक शांत नहीं हो पाई है, और नेताओं तथा समर्थकों के बीच तनाव बन गया है। 

समाजवादी पार्टी ने मुरादाबाद लोकसभा सीट के लिए टिकट को लेकर पहले एसटी हसन को उतारने का फैसला किया था और उन्होंने नामांकन भी भरा था। लेकिन पार्टी हाईकमान की अलग रणनीति के बाद रुचि वीरा को उम्मीदवार घोषित कर दिया गया, जिससे पार्टी के कुछ पुराने समर्थक और कार्यकर्ता नाखुश हैं।

इन फैसलों के चलते सपा के अंदर असंतोष की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर कुछ समर्थकों ने यह कहा है कि बदलाव से भरोसे और सामंजस्य में कमी आई है, जबकि पार्टी कार्यकर्ताओं को लगता है कि समय‑समय पर लिए गए फैसलों का पार्टी संगठन पर असर देखने को मिल रहा है। 

इस विवाद का असर सपा की संगठनात्मक एकता पर भी दिख रहा है। टिकट वितरण को लेकर उठे प्रश्नों पर पार्टी आलाकमान की भूमिका, निर्णय प्रक्रिया और स्थानीय नेताओं तथा समर्थकों के विचारों में स्पष्ट मतभेद हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह मामला अकेला नहीं है — पिछले चुनावों में भी इसी तरह के विवादों ने सपा के अंदरूनी समीकरणों को प्रभावित किया है। 

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की गुटबाजी किसी भी पार्टी के स्थिरता और चुनावी तैयारी दोनों को प्रभावित कर सकती है, खासकर जब लोकसभा या विधानसभा के महत्वपूर्ण चुनावों की तैयारियाँ चल रही हों।