Prabhat Vaibhav,Digital Desk : जहां एक ओर देश के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश बढ़ने लगी है और गर्मी ने दस्तक दे दी है, वहीं देवभूमि उत्तराखंड के ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में कुदरत का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। विश्व प्रसिद्ध स्कीइंग डेस्टिनेशन औली और गौरसों बुग्याल में बसंत पंचमी के बाद हुई बर्फबारी ने पूरे नजारे को जन्नत जैसा बना दिया है। इन दिनों यहां बर्फ पिघलने से बनी प्राकृतिक नीली झीलें सैलानियों के लिए आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई हैं।
गौरसों बुग्याल में 'नीली झीलों' का जादू
औली से लगभग 3 किलोमीटर ऊपर गौरसों बुग्याल की ढलानों पर बर्फ पिघलने से छोटी-छोटी खूबसूरत झीलें बन गई हैं। चटक खिली धूप के बीच इन झीलों का नीला पानी और आसपास जमी सफेद बर्फ का नजारा इतना अद्भुत है कि पर्यटक अपनी सारी थकान भूल रहे हैं। केरल से पहुंची पर्यटक जेनिफर और अहमदाबाद की निधि ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि नीली झील की पहली झलक देखते ही ऐसा लगा मानो समय रुक गया हो।
360 डिग्री पैनोरमिक व्यू: हिमशिखरों की अद्भुत छटा
गौरसों टॉप के चर्चित '360 डिग्री व्यू प्वाइंट' से इन दिनों गढ़वाल हिमालय के हिमशिखरों का दीदार करना किसी सपने जैसा है। यहां से सैलानी नंदा देवी, द्रोणागिरी, कामेट, नीलकंठ, चौखंबा, हाथी-घोड़ी-पालकी और द्रोणागिरी जैसे गगनचुंबी पर्वतों को करीब से देख रहे हैं। साफ आसमान और बर्फ से ढकी चोटियां फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए स्वर्ग के समान हैं।
स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग का भरपूर रोमांच
औली में बर्फ की अच्छी मौजूदगी के कारण हाल ही में 13 से 16 फरवरी तक नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ। फिलहाल, स्थानीय पर्यटन कारोबारियों ने औली के ऊपरी हिस्सों में नए 'फन स्कीइंग' और 'स्नोबोर्डिंग स्लोप' विकसित किए हैं। जो पर्यटक एडवेंचर के शौकीन हैं, वे गोल्डन ओक के जंगलों के बीच स्कीइंग और डे-हाइकिंग का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।
पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले
फरवरी के अंतिम सप्ताह में भी औली और गौरसों बुग्याल पर्यटकों से गुलजार हैं। माउंटेन गाइड नितेश रावत के अनुसार, बढ़ते तापमान के बावजूद ऊपरी इलाकों में अच्छी बर्फ बची हुई है। सैलानियों की इस भारी आमद से स्थानीय होटल व्यवसायियों, स्कीइंग प्रशिक्षकों और गाइडों के चेहरे खिले हुए हैं। फरवरी माह में भी पर्यटन का ऐसा सीजन कारोबारियों के लिए राहत लेकर आया है।




