Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भोजपुर जिले के बिहिया प्रखंड में महथीन माई मंदिर के पीछे करीब 100 एकड़ बंजर भूमि पर नई चीनी मिल स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है। यदि योजना के अनुसार सब कुछ समय पर हुआ, तो अगले वित्तीय वर्ष में मिल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। यह परियोजना राज्य सरकार के “सात निश्चय-3” अभियान के तहत “समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार” के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी की उम्मीद
जिला गन्ना विभाग के अनुसार प्रस्तावित क्षेत्र के आसपास 30 से 40 हजार एकड़ भूमि में गन्ने की खेती की संभावना है। यदि चीनी मिल स्थापित हो जाती है तो जिले में गन्ना उत्पादन बढ़कर 80 हजार एकड़ तक पहुंच सकता है। वर्तमान में एक बीघा गन्ने की खेती से किसानों को 18–25 हजार रुपये की आय होती है, जो मिल शुरू होने के बाद दोगुनी से अधिक हो सकती है।
रोजगार के नए अवसर
चीनी मिल से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मिल बनने से न केवल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रशासन ने विशेष कृषि टास्क फोर्स का गठन किया है, जो भूमि चयन और गन्ना खेती की व्यवहारिकता का अध्ययन कर रही है।
भोजपुर में गन्ना खेती का भविष्य
वर्तमान में जिले के बिहिया, कोईलवर, संदेश, गड़हनी, शाहपुर और उदवंतनगर प्रखंडों में लगभग 35 एकड़ में गन्ने की खेती हो रही है। बाजार की कमी के कारण किसान फिलहाल गुड़ बनाकर बेच रहे हैं। नई चीनी मिल खुलने के बाद उन्हें सीधे और अधिक लाभदायक बाजार मिलेगा, जिससे भोजपुर में बिहटा चीनी मिल के समय की मिठास फिर लौटेगी।




