Prabhat Vaibhav,Digital Desk : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जाली दस्तावेज के आधार पर जमीन संबंधी कार्य कराने पर सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब अगर कोई व्यक्ति किसी भी काम के लिए जाली दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
यदि प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई जाती है, तो उस अंचल के अंचलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में छह तरह की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
सरकारी भूमि के मामले में यदि जाली दस्तावेज पाए जाते हैं, तो अंचलाधिकारी के स्तर से सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। वहीं, रैयती या निजी भूमि में दो पक्षों के बीच विवाद होने पर जांच के बाद अंचलाधिकारी या राजस्व अधिकारी की अनुशंसा पर ही परिवादी या शिकायतकर्ता के माध्यम से प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
सचिव ने यह भी कहा कि जाली दस्तावेज वाले मामलों में कोई आदेश जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही, जिन मामलों में पहले जाली दस्तावेज पर आदेश जारी किए गए थे, उनकी भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस समीक्षा के लिए राजस्व कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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