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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब में रसोई गैस (LPG) को लेकर मचे हाहाकार ने आम जनता से लेकर सरकार तक की नींद उड़ा दी है। सूबे में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत हो गई है, जिससे जिलों में मारामारी का माहौल बना हुआ है। सबसे बुरा असर शादियों के सीजन पर पड़ रहा है, जहां हलवाइयों और कैटरर्स के पास खाना बनाने के लिए ईंधन ही नहीं बचा है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि कई कैटरर्स ने बुकिंग रद्द कर लोगों का एडवांस पैसा वापस करना शुरू कर दिया है।

कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने सदन में जताई चिंता

पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में हजारों शादियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गैस की अनुपलब्धता के कारण कैटरिंग का काम ठप होने की कगार पर है। यदि अगले एक हफ्ते के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो हालात बद से बदतर हो जाएंगे। सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और इसे लेकर खासी चिंतित नजर आ रही है।

स्टॉक खत्म होने की कगार पर, मंत्री लालचंद कटारूचक का बयान

सूबे के खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री लालचंद कटारूचक ने भी स्पष्ट कर दिया है कि गैस स्टॉक की अपनी एक सीमा होती है और वर्तमान में आपूर्ति बाधित होने से मुश्किलें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार तेल कंपनियों के बड़े अधिकारियों के संपर्क में है ताकि सप्लाई चेन को बहाल किया जा सके। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि बुकिंग के बावजूद लोगों को सिलेंडरों की डिलीवरी नहीं मिल पा रही है, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हैं।

केंद्र सरकार से दखल की अपील

पंजाब सरकार ने इस विकट स्थिति से निपटने के लिए अब केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाया है। राज्य सरकार ने केंद्र से अपील की है कि पंजाब में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति को जल्द से जल्द स्पष्ट किया जाए। साथ ही, मांग की गई है कि गैस की किल्लत को दूर करने के लिए केंद्र पुख्ता इंतजाम करे ताकि जनता को राहत मिल सके और शादियों के इस सीजन में लोगों की खुशियों में खलल न पड़े।