Prabhat Vaibhav,Digital Desk : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 22वीं किस्त किसानों के बैंक खातों में भेजने की तैयारी चल रही है। इस बीच, सरकार ने किसानों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने समय पर फार्मर आईडी (Farmer ID) नहीं बनवाई, तो उन्हें योजना का लाभ मिलना मुश्किल हो सकता है।
कृषि विभाग के अनुसार, फार्मर आईडी किसानों की डिजिटल पहचान है, जिसके जरिए पीएम किसान योजना सहित अन्य सरकारी कृषि योजनाओं का पारदर्शी और सीधे लाभ दिया जाएगा। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द फार्मर रजिस्ट्री करवा लें, ताकि आगामी किस्त में किसी तरह की परेशानी न आए।
फार्मर आईडी के फायदे
पीएम किसान योजना का सहज लाभ
कृषि विभाग की अन्य योजनाओं, सब्सिडी और प्रशिक्षण में प्राथमिकता
किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित
भविष्य में सभी कृषि योजनाओं का एकीकृत लाभ
फार्मर रजिस्ट्री कैसे बनवाएं
किसान अपने अंचल कार्यालय, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार या हल्का कर्मचारी से फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं। इसके अलावा जिला और प्रखंड स्तर पर कृषि विभाग द्वारा विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
जरूरी दस्तावेज:
आधार कार्ड
भूमि से संबंधित दस्तावेज
बैंक खाता विवरण (आधार से लिंक होना अनिवार्य)
6 से 9 जनवरी तक विशेष अभियान
कृषि विभाग 6 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक विशेष अभियान चला रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा सके। विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त से वंचित न रहे।
किसान हेल्पलाइन पर भी जानकारी ले सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फार्मर आईडी के बिना भविष्य में किसी भी सरकारी कृषि योजना का लाभ मिलना कठिन होगा, इसलिए समय रहते रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।
किसानों को दोहरा लाभ
फार्मर आईडी बनवाने से किसानों को दोहरा फायदा होगा:
पीएम किसान योजना की राशि बिना किसी बाधा के मिल सकेगी।
बिहार सरकार सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से प्राप्त होगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार 2,000 रुपये के साथ-साथ बिहार सरकार 1,000 रुपये की अतिरिक्त राशि भी देती है।
पीएम किसान योजना क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजना है। इसका उद्देश्य देश के पात्र किसानों को सीधी आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
योजना के तहत लाभ:
पात्र किसान परिवार को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की सहायता
यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है (प्रत्येक 2,000 रुपये)
भुगतान DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में
पात्र किसान:
जिनके नाम पर खेती योग्य भूमि है
भूमि-धारक परिवार (पति, पत्नी, नाबालिग बच्चे)
आधार, बैंक खाता और अन्य विवरण सत्यापित हों
योजना के लिए अयोग्य:
संस्थागत भूमि धारक
सरकारी कर्मचारी (ग्रुप डी को छोड़कर)
आयकरदाता, पूर्व या वर्तमान मंत्री, सांसद, विधायक, एमएलसी
10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले
महत्वपूर्ण जानकारी 2026:
योजना की 22वीं किस्त साल 2026 की शुरुआत में आने की संभावना
लाभार्थी किसान अपना किस्त और स्टेटस आधिकारिक पोर्टल पर जांच सकते हैं
भविष्य में किस्तों के लिए ई-केवाईसी और फार्मर आईडी का अद्यतन जरूरी




