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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब विधानसभा चुनाव में अभी करीब एक साल का वक्त बाकी है, लेकिन दोआबा क्षेत्र में सियासी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। इसकी बड़ी वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुरु रविदास महाराज के प्रकाश पर्व पर जालंधर स्थित डेरा श्री सचखंड बल्लां पहुंचना है। प्रधानमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।

दोआबा क्षेत्र और रविदासिया समाज का सियासी महत्व
दोआबा क्षेत्र को पंजाब की एनआरआई बेल्ट कहा जाता है। यहां अनुसूचित जाति की आबादी करीब 42 प्रतिशत है, जिसमें 14 से 15 प्रतिशत रविदासिया समाज के लोग शामिल हैं। इस क्षेत्र में विधानसभा की 23 सीटें आती हैं और इनमें से अधिकांश पर दलित और रविदासिया मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। डेरा श्री सचखंड बल्लां रविदासिया समाज की आस्था और पहचान का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।

धार्मिक दौरा या चुनावी रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी का डेरा बल्लां पहुंचना केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा। चुनाव से पहले इस दौरे को दोआबा में भाजपा की राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इसी वजह से प्रधानमंत्री के आगमन से पहले ही आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेता गुरु रविदास महाराज के प्रकाश पर्व से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं।

आदमपुर एयरपोर्ट के नाम का मुद्दा फिर चर्चा में
प्रधानमंत्री के दौरे के साथ ही आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर कोई बड़ा ऐलान दोआबा में भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है।

आप सरकार के कदम भी दे रहे संदेश
गुरु रविदास महाराज के प्रकाश पर्व पर हर साल जालंधर से वाराणसी के लिए बेगमपुरा एक्सप्रेस रवाना होती है। इस अवसर पर इस बार वित्त मंत्री हरपाल चीमा सहित कई आप नेता रेलवे स्टेशन पहुंचे। इसके अलावा वित्त मंत्री ने सचखंड डेरा बल्लां के अध्ययन केंद्र के लिए जमीन की रजिस्ट्री भी खुद मौजूद रहकर करवाई। प्रकाश पर्व से एक दिन पहले मुख्यमंत्री भी जालंधर पहुंचे और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की राशि वितरित करने की शुरुआत की।

कांग्रेस के पास चन्नी का दलित चेहरा
कांग्रेस के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी दलित राजनीति का सबसे मजबूत चेहरा माने जाते हैं। जालंधर लोकसभा क्षेत्र के नौ विधानसभा हलकों में दलित मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। चन्नी लगातार सचखंड डेरा बल्लां जाकर आशीर्वाद लेते रहे हैं और बेगमपुरा एक्सप्रेस की रवानगी व शोभा यात्राओं में भी सक्रिय दिखाई दिए। उन्होंने गुरु रविदास महाराज के प्रकाश पर्व पर सार्वजनिक अवकाश की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा है।

शिअद भी पीछे नहीं, सुखबीर बादल की मौजूदगी
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल भी शनिवार को निकली शोभा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने बूटा मंडी स्थित श्री गुरु रविदास धाम में मत्था टेका और किसी भी तरह की राजनीतिक बयानबाजी से बचते नजर आए। शिअद ने संदेश देने की कोशिश की कि उनकी मौजूदगी केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है।

दोआबा की 23 सीटों पर दलित वोट का गणित
पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में दलित वोट बैंक करीब 32 से 35 प्रतिशत माना जाता है। दोआबा क्षेत्र के 23 हलकों में कई सीटों पर दलित मतदाता 40 प्रतिशत तक हैं। यही वजह है कि यहां का दलित और रविदासिया वोट बैंक अक्सर चुनावी नतीजों की दिशा तय करता है।
जालंधर के नौ हलकों में कांग्रेस के पांच और आप के चार विधायक हैं। होशियारपुर के सात हलकों में आप के पांच, कांग्रेस और भाजपा के एक-एक विधायक हैं। नवांशहर के तीन हलकों में आप, बसपा और शिअद का एक-एक विधायक है, जबकि कपूरथला के चार हलकों में कांग्रेस के तीन और एक निर्दलीय विधायक हैं।