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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : दुनिया के नक्शे पर एक ऐसा देश उभर कर सामने आया है जिसने धूम्रपान की लत को जड़ से खत्म करने के लिए सबसे कठोर और ऐतिहासिक कदम उठाया है। ब्रिटिश संसद ने एक ऐसा क्रांतिकारी विधेयक पारित किया है, जिसके लागू होने के बाद ब्रिटेन की एक पूरी पीढ़ी के लिए सिगरेट और तंबाकू खरीदना नामुमकिन हो जाएगा। इस कानून के तहत 2008 के बाद पैदा हुए नागरिकों पर आजीवन सिगरेट खरीदने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

किंग चार्ल्स की मंजूरी मिलते ही बनेगा कानून

ब्रिटेन की संसद ने 'तंबाकू और ई-सिगरेट विधेयक' को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। अब केवल औपचारिक रूप से राजा चार्ल्स तृतीय (King Charles III) की स्वीकृति का इंतजार है। जैसे ही राजा इस पर हस्ताक्षर करेंगे, यह पूरे ब्रिटेन (इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड) में कानूनन लागू हो जाएगा। इस कदम के बाद ब्रिटेन दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जहां धूम्रपान के खिलाफ सबसे सख्त नियम हैं।

हर साल बढ़ जाएगी कानूनी उम्र: क्या है यह अनूठा नियम?

वर्तमान में ब्रिटेन में सिगरेट खरीदने की कानूनी उम्र 18 साल है, लेकिन नए कानून की रणनीति बेहद दिलचस्प है। इस कानून के तहत सिगरेट खरीदने की न्यूनतम उम्र सीमा में हर साल एक वर्ष की बढ़ोतरी की जाएगी।

नतीजा: इसका सीधा मतलब यह है कि जो बच्चे 31 दिसंबर 2008 के बाद पैदा हुए हैं, वे उम्र के किसी भी पड़ाव पर पहुंच जाएं, लेकिन वे कभी भी सिगरेट खरीदने की कानूनी आयु सीमा तक नहीं पहुंच पाएंगे। उनके लिए तंबाकू की खरीद हमेशा के लिए गैरकानूनी बनी रहेगी।

बीमारी के इलाज से बेहतर है रोकथाम

धूम्रपान विरोधी संस्था 'एक्शन ऑन स्मोकिंग एंड हेल्थ' ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सिगरेट की लत छुड़ाने से कहीं ज्यादा बेहतर यह है कि नई पीढ़ी को इस लत के करीब ही न आने दिया जाए। यह कानून न केवल पारंपरिक सिगरेट बल्कि ई-सिगरेट (Vaping) और निकोटीन युक्त अन्य उत्पादों पर भी सरकार को कड़ा नियंत्रण रखने की शक्ति प्रदान करेगा।

ब्रिटेन में धूम्रपान के डराने वाले आंकड़े

ब्रिटिश सरकार ने यह सख्त कदम स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बोझ को देखते हुए उठाया है:

मृत्यु दर: ब्रिटेन में हर साल लगभग 80,000 लोग धूम्रपान से जुड़ी बीमारियों के कारण अपनी जान गंवाते हैं।

वर्तमान स्थिति: देश की कुल आबादी का करीब 13 प्रतिशत (लगभग 64 लाख लोग) आज भी धूम्रपान की गिरफ्त में है।

ऐतिहासिक कमी: हालांकि 1970 के दशक के मुकाबले धूम्रपान करने वालों की संख्या में दो-तिहाई की कमी आई है, लेकिन सरकार अब इसे पूरी तरह समाप्त कर एक 'धूम्रपान मुक्त समाज' बनाना चाहती है।

न्यूजीलैंड ने भी 2022 में ऐसा ही कानून बनाने की कोशिश की थी, लेकिन वहां सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने इसे रद्द कर दिया था। अब दुनिया की नजरें ब्रिटेन पर हैं कि वह इस ऐतिहासिक कानून को किस तरह सफलतापूर्वक जमीन पर उतारता है।