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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : पश्चिम एशिया (Middle East) में ईरान के साथ जारी तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने एक बेहद महत्वपूर्ण और स्पष्ट बयान जारी किया है। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष कितने समय तक चलेगा और यह कब खत्म होगा, इसका पूर्ण नियंत्रण और निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथों में है। व्हाइट हाउस ने उन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स को भी सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें युद्ध समाप्ति के लिए '3 से 5 दिन' की समय सीमा का दावा किया जा रहा था।

ट्रंप तय करेंगे युद्ध का भविष्य

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने वाशिंगटन में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस संघर्ष के लिए कोई 'डेडलाइन' तय नहीं की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध का अंत केवल दो मानकों पर आधारित होगा:

अमेरिका का राष्ट्रीय हित: कोई भी फैसला अमेरिकी जनता और देश की सुरक्षा को सर्वोपरि रखकर लिया जाएगा।

ईरानी जनता का कल्याण: अमेरिका चाहता है कि संघर्ष का समाधान ऐसा हो जिससे क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति स्थापित हो सके।

3-5 दिन की समय सीमा की खबरें 'झूठी'

पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह खबरें तैर रही थीं कि अमेरिका ने ईरान को 3 से 5 दिन का अल्टीमेटम दिया है। लेविट ने इन खबरों को पूरी तरह 'झूठा' और 'भ्रामक' करार दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी या सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने के लिए कोई विशिष्ट समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

ईरान की स्थिति और अमेरिकी रणनीति

व्हाइट हाउस का मानना है कि इस समय ईरान रणनीतिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में है। लेविट के अनुसार:

नौसैनिक नाकाबंदी: राष्ट्रपति ट्रंप मौजूदा नौसैनिक नाकाबंदी के परिणामों से संतुष्ट हैं।

खुफिया जानकारी: ईरान सार्वजनिक रूप से जो बयान दे रहा है और निजी तौर पर जो स्वीकार कर रहा है, उसमें जमीन-आसमान का अंतर है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां पर्दे के पीछे की असली हकीकत से पूरी तरह वाकिफ हैं।

आंतरिक संघर्ष: अमेरिका का मानना है कि ईरान वर्तमान में 'शांतिप्रिय' और 'कट्टरपंथी' गुटों के बीच आंतरिक कलह से जूझ रहा है, जिसके कारण वे कोई ठोस शांति प्रस्ताव पेश नहीं कर पा रहे हैं।

जारी रहेगा 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी'

जब तक ईरान के सभी पक्ष एक साथ आकर कोई साझा और स्वीकार्य शांति प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं करते, तब तक अमेरिका पीछे हटने के मूड में नहीं है। व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी' (Operation Economic Fury) के तहत ईरान पर आर्थिक दबाव और नाकाबंदी जारी रहेगी। अमेरिका वर्तमान में ईरान की ओर से एक गंभीर और एकीकृत शांति प्रस्ताव की प्रतीक्षा कर रहा है।