Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद की टिप्पणी को लेकर कड़ा पलटवार किया है। हरीश रावत ने तीखे शब्दों में कहा कि जो आलू सड़ जाता है, वह खुद-ब-खुद ढेर से बाहर हो जाता है और उसका कोई महत्व नहीं रह जाता। उनका यह बयान शकील अहमद की हालिया टिप्पणी के बाद सामने आया है, जिससे कांग्रेस की सियासत में हलचल मच गई है।
राहुल गांधी पर शकील अहमद के आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे शकील अहमद ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने राहुल गांधी को डरपोक और असुरक्षित नेता बताते हुए कहा था कि वे पार्टी में केवल उन्हीं युवा नेताओं को आगे बढ़ा रहे हैं, जो उनकी तारीफ करते हैं और चापलूसी में लगे रहते हैं। शकील अहमद ने कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र की कमी का दावा भी किया था।
यूसीसी पर भी बरसे हरीश रावत
शकील अहमद के बयान पर प्रतिक्रिया देने के साथ-साथ हरीश रावत ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विवाह एक पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कार है, लेकिन यूसीसी के तहत रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर विवाह जैसी परंपरागत व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। उनके मुताबिक, यूसीसी सनातन धर्म पर सीधा प्रहार है और यह सनातन विरोधी कदम है।
भाजपा पर साधा निशाना
हरीश रावत ने आगे कहा कि भाजपा के पास जनता को बताने के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है। इसी वजह से वह ऐसे मुद्दों को आगे बढ़ाकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शकील अहमद की टिप्पणी और उस पर हरीश रावत की प्रतिक्रिया ने कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है, जिसका असर आने वाले दिनों में पार्टी की राजनीति पर साफ दिख सकता है।




