Prabhat Vaibhav,Digital Desk : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सुलतानपुर की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में सोमवार को इस मानहानि केस (Defamation Case) की सुनवाई होनी थी, लेकिन परिवादी के वकील द्वारा समय मांगे जाने के कारण कार्यवाही टल गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल 2026 को होगी।
क्यों टली सोमवार की सुनवाई?
सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा के समक्ष मामले की कार्यवाही शुरू हुई। इस दौरान परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कोर्ट से कुछ अतिरिक्त समय (मौका) मांगा। अदालत ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की नई तिथि निर्धारित कर दी है।
वाइस सैम्पल और आपत्ति का पेच
मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के वाइस सैम्पल (Voice Sample) को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजने की अर्जी दी। उनका तर्क है कि कथित टिप्पणी वाले वीडियो की आवाज का मिलान राहुल गांधी की असली आवाज से कराया जाए। हालांकि, राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने इस अर्जी पर कड़ी आपत्ति दाखिल की है, जिस पर कोर्ट को फैसला लेना बाकी है।
क्या है पूरा मामला? (2018 से अब तक)
यह विवाद करीब 8 साल पुराना है, जो अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है:
घटना: साल 2018 में बेंगलुरू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें 'हत्यारा' कहा था।
परिवाद: इस टिप्पणी से आहत होकर जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को सुलतानपुर कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया था।
कोर्ट की कार्रवाई: लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 27 नवंबर 2023 को कोर्ट ने राहुल गांधी को तलब किया।
हाजिरी और बयान: राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होकर जमानत ली थी। ठीक दो साल बाद, 20 फरवरी 2026 को उनका बयान भी अदालत में दर्ज किया जा चुका है।
17 अप्रैल की तारीख क्यों है अहम?
17 अप्रैल 2026 की तारीख राहुल गांधी के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर जहाँ सुलतानपुर कोर्ट में इस मानहानि केस की सुनवाई होगी, वहीं दूसरी ओर इसी दिन फिल्म 'भूत बंगला' भी रिलीज हो रही है और इसी दौरान मिडिल ईस्ट संकट (ईरान-अमेरिका) पर भी बड़े फैसले आने की उम्मीद है। राहुल गांधी के वकील अब वाइस सैम्पल की मांग को खारिज कराने के लिए कानूनी दलीलें पेश करेंगे।




