Prabhat Vaibhav,Digital Desk : चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे बॉलीवुड के दिग्गज कॉमेडियन राजपाल यादव के लिए राहत भरी खबर आई है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभिनेता की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें 18 मार्च 2026 तक अंतरिम जमानत दे दी है। यह फैसला न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने राजपाल द्वारा शर्त के मुताबिक राशि जमा करने के बाद सुनाया।
भतीजी की शादी और 1.5 करोड़ की शर्त
अदालत में सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने मानवीय आधार पर जमानत की मांग की थी। उन्होंने बताया कि 19 फरवरी को अभिनेता की भतीजी की शादी है, जिसमें उनका शामिल होना बेहद जरूरी है। अदालत ने कड़ी शर्त रखते हुए कहा था कि यदि वे ऋणदाता कंपनी के नाम पर 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा करते हैं, तभी उन्हें रिहाई मिलेगी। राजपाल ने कोर्ट के आदेश का पालन किया और तय समय सीमा के भीतर राशि जमा कर दी।
कोर्ट की सख्त हिदायत: 'कोई गड़बड़ी नहीं चाहते'
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने जमानत देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी और उस दिन राजपाल यादव को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहना होगा। अदालत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मामले की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे पहले कोर्ट ने राजपाल के आचरण पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि उन्होंने बार-बार आश्वासन देने के बावजूद पैसा नहीं चुकाया था।
क्या है पूरा विवाद? 5 करोड़ का कर्ज और बाउंस हुए चेक
राजपाल यादव की कानूनी मुसीबतें साल 2010 से जुड़ी हैं। उन्होंने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से लगभग 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। कंपनी का आरोप है कि कर्ज चुकाने के लिए अभिनेता ने जो चेक दिए थे, वे बैंक में बाउंस हो गए। निचली अदालत ने उन्हें इस मामले में दोषी करार देते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी।
अब घर पर मना सकेंगे होली
अंतरिम जमानत मिलने के बाद अब राजपाल यादव जेल से बाहर आएंगे। इससे वे न केवल अपनी भतीजी की शादी के कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे, बल्कि आगामी होली का त्योहार भी अपने परिवार के साथ मना सकेंगे। हालांकि, 18 मार्च को होने वाली सुनवाई उनके भविष्य की दिशा तय करेगी कि क्या उनकी सजा पूरी तरह निलंबित होगी या उन्हें फिर से जेल जाना पड़ेगा।




