Prabhat Vaibhav,Digital Desk : विटामिन सी और फाइबर से भरपूर अमरूद को अक्सर 'सुपरफूड' की श्रेणी में रखा जाता है। पाचन सुधारने से लेकर इम्युनिटी बढ़ाने तक इसके अनगिनत फायदे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही गुणकारी फल कुछ लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों और Medicalnewstoday की रिपोर्ट के अनुसार, अमरूद का गलत तरीके से या गलत समय पर सेवन सेहत को बिगाड़ सकता है। आइए जानते हैं कि किन परिस्थितियों में अमरूद से दूरी बनाना ही समझदारी है।
1. कमजोर पाचन और IBS के मरीज रहें दूर
अमरूद में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, विशेषकर इसके कठोर बीजों में। जिन लोगों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS), गैस, एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या रहती है, उनके लिए ये बीज और फाइबर आंतों में जलन पैदा कर सकते हैं। ऐसे लोग अमरूद खाने के बाद पेट दर्द, ऐंठन या भारीपन महसूस कर सकते हैं।
टिप: यदि पाचन कमजोर है, तो बीज निकालकर या केवल पका हुआ अमरूद सीमित मात्रा में ही खाएं।
2. डायबिटीज में शुगर स्पाइक का खतरा
हालांकि अमरूद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, लेकिन पूरी तरह पके हुए अमरूद में प्राकृतिक शर्करा (Natural Sugar) अधिक होती है। टाइप 2 मधुमेह के मरीजों को खाली पेट या अधिक मात्रा में पका हुआ अमरूद खाने से ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ने का खतरा हो सकता है। शुगर के मरीजों को हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
3. स्किन एलर्जी और आंतरिक गर्मी
कुछ संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में अमरूद का सेवन खुजली, लाल चकत्ते या एक्जिमा (Eczema) की समस्या को बढ़ा सकता है। माना जाता है कि कुछ लोगों के लिए यह शरीर की आंतरिक गर्मी को बढ़ा देता है, जिससे त्वचा पर जलन और सूजन महसूस होने लगती है। यदि इसे खाने के बाद शरीर पर कोई प्रतिक्रिया दिखे, तो तुरंत परहेज करें।
4. सर्दी-खांसी और कफ की समस्या
आयुर्वेद और विशेषज्ञों के अनुसार, अमरूद की तासीर ठंडी होती है। यह शरीर में कफ दोष को बढ़ा सकता है। जो लोग पहले से ही सर्दी, जुकाम, खांसी, साइनस या गले की खराश से जूझ रहे हैं, उनके लिए अमरूद (खासकर सर्दियों में या रात के समय) स्थिति को और बिगाड़ सकता है। इससे खांसी का वेग बढ़ सकता है।




