Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित रक्सौल एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की प्रक्रिया अब और तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके लिए कुल 139 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की योजना बनाई गई है और भूमि मालिकों को मुआवजा देने के लिए तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। इस कदम से एयरपोर्ट को नई सुविधाएँ और बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी, जिससे इलाके के विकास और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
भूमि अधिग्रहण प्रोजेक्ट को सुचारू रूप से लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने भूमि चिन्हित कर, खसरा रिकॉर्ड तैयार कर लिया है और प्रभावित भूमि मालिकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इससे पहले एयरपोर्ट के आसपास उपलब्ध 137 एकड़ भूमि के अलावा अब अतिरिक्त 139 एकड़ भूमि शामिल होगी, ताकि रनवे, टर्मिनल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
रक्सौल एयरपोर्ट का विस्तार स्टेट और सेंट्रल दोनों स्तरों पर हितकारी समझा जा रहा है, क्योंकि यह भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित है और यहाँ से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावनाओं पर भी विचार हो सकेगा। ऐसा माना जा रहा है कि एयरपोर्ट के विस्तार से व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्र को भी बल मिलेगा।
सरकार और प्रशासन अब भूमि अधिग्रहण को पूरा कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की ओर काम कर रहे हैं, ताकि इस प्रोजेक्ट की दिशा निश्चित रूप से आगे बढ़ सके और रक्सौल को उड्डयन के मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान मिल सके।




