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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार योजना में बड़ा बदलाव करते हुए विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025 या VB-G RAM G कानून पेश किया। यह नया कानून लगभग 20 साल पुराने मनरेगा (MGNREGA) की जगह लेगा।

इस बदलाव पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने प्रतिक्रिया दी है। मैनपुरी सीट से सांसद डिंपल यादव ने कहा कि भाजपा राम के नाम का इस्तेमाल सिर्फ अपनी राजनीतिक रणनीति के लिए कर रही है। उनका कहना है कि इस तरह जनता, युवाओं, किसानों और महिलाओं को केवल ‘राम भरोसे’ छोड़ दिया जा रहा है।

डिंपल यादव का बयान

डिंपल ने कहा,

"कहीं न कहीं यह महात्मा गांधी का भी अपमान है। मनरेगा गांव-गांव तक पहुँचने वाली योजना है, लेकिन इस पर कोई नई पहल नहीं की जा रही। केवल नाम बदलकर प्रचार करना उनकी प्राथमिकता है।"

चौधरी राम शिरोमणि वर्मा का बयान

सपा के वरिष्ठ नेता चौधरी राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि भाजपा नाम बदलने में तेज है, लेकिन इससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित नहीं होता। उन्होंने बताया कि मनरेगा का नाम महात्मा गांधी के नाम से जुड़ा हुआ था और इससे देश के गरीब लोगों को सीधे लाभ मिलता था।

वर्मा ने आगे कहा कि देश में महात्मा गांधी को मानने वाले बहुत लोग हैं। भगवान राम को मानने वाले भी हैं, लेकिन नाम बदलकर वोटों की राजनीति करना उचित नहीं है।