Prabhat Vaibhav,Digital Desk : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद पहली बार मुजफ्फरपुर प्रवास पर आ रहे हैं। उनका यह दौरा 25 और 26 जनवरी को प्रस्तावित है, जिसे लेकर प्रशासन और संघ स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रमों की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
संघ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सरसंघचालक 25 जनवरी की सुबह मुजफ्फरपुर पहुंचेंगे। आगमन के बाद वे मधुकर निकेतन परिसर में आयोजित सामाजिक सद्भाव गोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर वे “समाज परिवर्तन में सज्जन शक्ति की भूमिका” विषय पर अपने विचार साझा करेंगे और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे।
उत्तर बिहार से जुटेंगे संघ प्रतिनिधि
इस संवाद कार्यक्रम में उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों से संघ से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। संगठनात्मक दृष्टि से इस बैठक को अहम माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव के बाद यह सरसंघचालक का पहला औपचारिक संवाद कार्यक्रम होगा।
26 जनवरी को मधुकर निकेतन में ऐतिहासिक ध्वजारोहण
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत सुबह मधुकर निकेतन परिसर में ध्वजारोहण करेंगे। इसके पश्चात वे खंड, जिला और प्रांत स्तर के संघचालकों के साथ संवाद करेंगे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद उनका प्रस्थान प्रस्तावित है।
पहली बार बनेगा विशेष संयोग
आरएसएस से बाल स्वयंसेवक के रूप में जुड़े 75 वर्षीय अधिवक्ता गौरीशंकर प्रसाद उर्फ गौरी बाबू ने बताया कि यह पहला अवसर होगा जब कोई सरसंघचालक गणतंत्र दिवस के दिन मुजफ्फरपुर स्थित संघ कार्यालय में ध्वजारोहण करेंगे। उन्होंने कहा कि संघ के दूसरे सरसंघचालक गुरुजी माधवराव सदाशिव गोलवलकर समेत लगभग सभी सरसंघचालक पहले भी मुजफ्फरपुर आ चुके हैं, लेकिन 26 जनवरी को झंडोत्तोलन और संबोधन का यह विशेष अवसर पहली बार बन रहा है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर खास जोर
संघ प्रमुख के आगमन को लेकर मधुकर निकेतन परिसर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि दौरा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।




