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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : झारखंड में शीत ऋतु अपने अंतिम चरण में भी अपना पूरा जोर दिखा रही है। राज्य के जाने-माने मौसम विशेषज्ञ अंबालाल पटेल ने एक बार फिर मौसम में बड़े बदलाव की भविष्यवाणी की है। उनके अनुसार, राज्य के लोगों को एक बार फिर कड़ाके की ठंड का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। कल यानी 18, 19 और 20 तारीख को राज्य में भीषण ठंड पड़ने की संभावना है।

उत्तर गुजरात और कच्छ में शीतलहर का प्रकोप

अंबलाल पटेल के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों तक उत्तर गुजरात, कच्छ और मध्य गुजरात के कुछ हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप रहेगा। विशेष रूप से पालनपुर और माउंट आबू के आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। इन दिनों ठंड तो रहेगी ही, साथ ही सुबह-सुबह घना कोहरा भी छाएगा। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से राजमार्गों पर वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है और दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहेगा, इसलिए सावधानी बरतना आवश्यक है।

पश्चिमी विक्षोभ कब आएगा? (तूफान की संभावना है)

मौसम में होने वाले बदलावों के बारे में बात करते हुए अंबालाल पटेल ने कहा कि 22 तारीख के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। जिसके कारण चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव प्रणाली का निर्माण होगा।

इस प्रणाली के प्रभाव के कारण, पश्चिमी और उत्तरी सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों में मौसम बादल छाए रहने की संभावना है।

उत्तर गुजरात के साबरकांठा और मेहसाना जिलों में बेमौसम बारिश यानी मावथु की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

इस बदलाव का असर अहमदाबाद और गांधीनगर की जलवायु पर भी देखा जा सकता है।

रबी की फसल और फरवरी का पूर्वानुमान

किसानों के लिए चिंताजनक खबर यह है कि इस पश्चिमी विक्षोभ का रबी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अंबालाल पटेल के पूर्वानुमान के अनुसार, 30 जनवरी से 5 फरवरी के बीच मौसम में एक बार फिर बदलाव आएगा। फरवरी में भीषण ठंड पड़ने की भी संभावना है। अंबालाल पटेल के मुताबिक, मार्च तक मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, जो स्वास्थ्य और कृषि दोनों के लिए चुनौती बन सकता है।