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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से भारी गहमागहमी के बीच शुरू हो गया। एक तरफ जहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के प्रस्ताव पर सियासत गर्म रही, वहीं राज्यसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मध्य पूर्व (Middle East) और ईरान संकट पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए देश को आश्वस्त किया। जयशंकर ने दो टूक शब्दों में कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और खाड़ी देशों में रह रहे 1 करोड़ नागरिकों पर भारत की पैनी नजर है।

मध्य पूर्व संकट: ईरान युद्ध पर भारत की बड़ी चिंता

राज्यसभा में बोलते हुए विदेश मंत्री ने बताया कि 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान संघर्ष ने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि 1 मार्च को हुई 'कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी' (CCS) की बैठक में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति की समीक्षा की थी। जयशंकर ने कहा, "ईरान में चल रहा संघर्ष हमारे लिए बेहद चिंताजनक है क्योंकि वहां न केवल हमारे छात्र हैं, बल्कि खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय कामगार रहते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए सभी मंत्रालयों को अलर्ट पर रखा गया है।"

ऑपरेशन 'घर वापसी': आर्मेनिया के रास्ते भारतीयों का रेस्क्यू

विदेश मंत्री ने सदन को सूचित किया कि युद्ध की गंभीरता को देखते हुए भारत ने जनवरी में ही एडवाइजरी जारी कर दी थी। उन्होंने बताया कि ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित निकाला जा रहा है। संकट की इस घड़ी में कूटनीतिक सक्रियता का जिक्र करते हुए जयशंकर ने बताया कि पीएम मोदी ने सऊदी अरब और कतर के शीर्ष नेतृत्व से बात की है, वहीं उन्होंने खुद ईरानी विदेश मंत्री के साथ दो बार (28 फरवरी और 5 मार्च) विस्तृत चर्चा की है।

हिंद महासागर में भारत का बड़ा कदम: ईरानी जहाज को दिया आश्रय

सदन में एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए एस. जयशंकर ने बताया कि हिंद महासागर में ईरान के तीन जहाज मौजूद थे। ईरान के विशेष अनुरोध पर भारत ने अपनी मानवीय नीति का परिचय देते हुए उनके एक जहाज को डॉक करने की अनुमति दी और उसे शरण (Shelter) प्रदान की। इस कदम के लिए ईरान सरकार ने भारत का औपचारिक रूप से आभार भी व्यक्त किया है। हालांकि, विदेश मंत्री ने यह भी साफ किया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और सप्लाई चेन को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

संसद में व्हिप और स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव

बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन विधायी कार्यों से ज्यादा राजनीतिक खींचतान के नाम रहा। विपक्ष (INDIA Block) ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने का नोटिस दिया, जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों के लिए 'थ्री-लाइन व्हिप' जारी कर सदन में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की। जयशंकर के बयान के दौरान भी सदन में विपक्ष की ओर से तीखे सवाल पूछे गए, लेकिन विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा संप्रभुता और संवाद का पक्षधर रहा है।