Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर भारत से लेकर पश्चिम भारत तक मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। अभी मार्च का दूसरा सप्ताह ही चल रहा है, लेकिन सूर्य देव के कड़े तेवरों ने मई-जून जैसी तपिश का अहसास कराना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस साल भीषण गर्मी सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करने की राह पर है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर गुजरात तक पारे में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का तांडव: 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा तापमान
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में मार्च की शुरुआत के साथ ही ठंडी हवाएं गायब हो गई हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस सप्ताह के अंत तक अधिकतम तापमान 36°C के आंकड़े को पार कर सकता है। विभाग का कहना है कि अधिकतम तापमान में हो रही यह तीव्र वृद्धि संकेत है कि आने वाले महीनों में लू (Heatwave) का प्रकोप सामान्य से कहीं अधिक रहने वाला है। न्यूनतम तापमान भी अब 19°C के आसपास बना हुआ है, जिससे रातों की ठंडक अब इतिहास की बात हो गई है।
गुजरात में चक्रवाती परिसंचरण का असर: उमस और गर्मी से बुरा हाल
गुजरात के अहमदाबाद समेत कई जिलों में मौसम का दोहरा मार देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण हवाओं की दिशा बदली है, जिससे अहमदाबाद में आर्द्रता (Humidity) 43 फीसदी से बढ़कर सीधे 75% तक पहुंच गई है। उमस भरी इस गर्मी के बीच अगले 24 घंटों में पारा 39°C तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। शनिवार को भी यहां अधिकतम तापमान 37.6°C दर्ज किया गया, जिसने मार्च के शुरुआती रिकॉर्ड्स को हिलाकर रख दिया है।
सर्दी का कम होना और गर्मी का जल्दी आना: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल सर्दियों का मौसम बहुत छोटा रहा है। साल 2025 की तुलना में इस बार दिल्ली-एनसीआर और गुजरात जैसे राज्यों में दिन की ठंड का प्रभाव नगण्य रहा। सितंबर से शुरू हुई गिरावट के बाद भी तापमान में वह स्थिरता नहीं दिखी जो कड़ाके की ठंड के लिए जानी जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मार्च में तापमान में हुई यह अचानक वृद्धि इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि अप्रैल से जून के बीच गर्मी के कई पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
अप्रैल और मई में चक्रवात और ओलावृष्टि की आशंका
राहत की बात यह है कि अप्रैल और मई के महीने में मौसम थोड़ा पलटी मार सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गर्मी के चरम के बीच कुछ इलाकों में चक्रवाती गतिविधियों के कारण हल्की बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। हालांकि, यह राहत अल्पकालिक होगी। भीषण लू की चेतावनी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अभी से दोपहर में बाहर निकलने से बचने और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है।




