Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बाबा बर्फानी के दर्शन की इच्छा रखने वाले समस्तीपुर के श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जुलाई में प्रस्तावित अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर जिले में पंजीकरण और मेडिकल फिटनेस जांच की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और कम ऑक्सीजन वाले पहाड़ी रास्तों को देखते हुए, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल पूर्णतः स्वस्थ व्यक्तियों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
सदर अस्पताल में होगी जांच: विशेष मेडिकल टीम गठित
सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने श्रद्धालुओं की फिटनेस जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। यात्रा के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Health Certificate) निर्गत करने के लिए दो वरिष्ठ चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:
डॉ. विशाल कुमार: चिकित्सा पदाधिकारी, सिविल सर्जन कार्यालय।
डॉ. गिरीश कुमार: प्रभारी उपाधीक्षक, सदर अस्पताल।
प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना गहन परीक्षण के किसी भी यात्री को प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
इन अंगों और बीमारियों की होगी विस्तृत जांच
अमरनाथ यात्रा की कठिन चढ़ाई के दौरान शरीर पर पड़ने वाले दबाव को देखते हुए डॉक्टरों की टीम निम्नलिखित जांच करेगी:
हृदय और श्वसन क्षमता: ईसीजी और फेफड़ों की कार्यक्षमता की जांच।
ब्लड प्रेशर: उच्च रक्तचाप वाले यात्रियों पर विशेष नजर।
हड्डी और जोड़: घुटनों, पैरों और शारीरिक मजबूती का परीक्षण।
आंखें और सामान्य फिटनेस: ऊंचाई पर संतुलन बनाए रखने के लिए दृष्टि और शारीरिक संतुलन की जांच।
किन्हें नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति?
ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी के कारण स्वास्थ्य विभाग ने कड़े मानदंड अपनाए हैं:
हृदय रोगी: हार्ट से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्या वाले व्यक्तियों को अनुमति नहीं मिलेगी।
फेफड़ों के रोगी: अस्थमा या सांस संबंधी पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों को प्रतिबंधित किया गया है।
अनियंत्रित बीपी: जिनका ब्लड प्रेशर स्थिर नहीं रहता, उन्हें भी प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा।
डॉक्टरों की सलाह: आज से ही शुरू करें 'पैदल अभ्यास'
स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे केवल सर्टिफिकेट पर निर्भर न रहें, बल्कि शारीरिक तैयारी भी शुरू करें।
नियमित पैदल चलना: यात्रा से पूर्व प्रतिदिन कम से कम 5 किलोमीटर पैदल चलने का अभ्यास अनिवार्य है।
योगाभ्यास: श्वसन तंत्र को मजबूत करने के लिए प्राणायाम और योग करने का सुझाव दिया गया है।
पंजीकरण की प्रक्रिया
श्रद्धालुओं को पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा, जिसके बाद सदर अस्पताल से प्राप्त मेडिकल सर्टिफिकेट को पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। समस्तीपुर से हर साल दर्जनों श्रद्धालु इस कठिन यात्रा पर जाते हैं, इसलिए सदर अस्पताल में भीड़ को देखते हुए जांच प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं।




