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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा ने उस समय दिलचस्प मोड़ ले लिया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को एक अनोखा प्रस्ताव दिया। पीएम मोदी ने विपक्ष की श्रेय लेने की होड़ और आशंकाओं पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वे इस ऐतिहासिक कदम के लिए विपक्षी दलों को 'ब्लैंक चेक' देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार को इस कार्य का श्रेय नहीं चाहिए, बल्कि वे चाहते हैं कि देश की महिलाओं को उनका हक मिले।

'मैं आपको ब्लैंक चेक दे रहा हूं'—विपक्ष को पीएम का प्रस्ताव

प्रधानमंत्री ने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा, "अगर आपको लगता है कि इस विधेयक से मोदी को राजनीतिक लाभ मिलेगा, तो आप इसका समर्थन करके उस लाभ को खत्म कर सकते हैं। हमें इसका श्रेय नहीं चाहिए। आप लिखित में ले लीजिए, जिसकी भी तस्वीर आप मांगेंगे, हम उसे सरकारी खर्च पर छापेंगे। मैं आपको श्रेय के लिए अग्रिम रूप से एक 'ब्लैंक चेक' दे रहा हूं।" पीएम ने आगे कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि पिछले तीन दशकों से महिलाओं के अधिकारों को दबाने के 'पाप का प्रायश्चित' करने का है।

परिसीमन और भेदभाव की आशंकाओं पर दी 'गारंटी'

विपक्ष द्वारा परिसीमन (Delimitation) के जरिए सीटों के आवंटन में बदलाव की आशंकाओं पर पीएम मोदी ने स्पष्ट आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "इस प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव या अन्याय नहीं होगा। मौजूदा अनुपात में कोई बदलाव नहीं होगा। अगर आप इसके लिए गारंटी मांगते हैं, तो मैं गारंटी देता हूं। जब इरादा नेक और स्पष्ट हो, तो शब्दों के खेल की कोई आवश्यकता नहीं होती।"

अखिलेश यादव बनाम अमित शाह: जाति जनगणना पर तकरार

विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने जाति जनगणना (Caste Census) का मुद्दा उठाते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, "आप जनगणना कराने में देरी क्यों कर रहे हैं? आप डरे हुए हैं कि जैसे ही जनगणना होगी, हम पिछड़ों और दलितों के लिए आबादी के अनुपात में आरक्षण की मांग करेंगे।"

अखिलेश के इस हमले का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सदन को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा, "जनगणना का कार्य सुचारू रूप से जारी है और मैं देश को बताना चाहता हूं कि सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का निर्णय ले लिया है। वर्तमान में घरों की मैपिंग हो रही है। जब नागरिकों की गणना शुरू होगी, तो उसमें जाति का कॉलम निश्चित रूप से शामिल किया जाएगा।"

'नारी शक्ति बुरे इरादों को माफ नहीं करेगी'

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश की महिलाएं अब और इंतजार करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग इस विधेयक में देरी करना चाहते हैं या इसके पीछे राजनीति कर रहे हैं, उन्हें नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। यह समय मिलकर इतिहास रचने का है, न कि एक-दूसरे पर दोषारोपण करने का।