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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के गया जिले में स्थित मानपुर जंक्शन पर शनिवार देर रात उस समय भारी बवाल हो गया, जब रामपुरहाट-गया पैसेंजर ट्रेन (53403 UP) के परिचालन में हुई अत्यधिक देरी से यात्री उग्र हो गए। घंटों तक ट्रेन के न खुलने से नाराज यात्रियों ने रेल इंजन पर पथराव कर दिया, जिससे इंजन का मुख्य शीशा (विंडो ग्लास) चकनाचूर हो गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई रेलकर्मी या यात्री घायल नहीं हुआ।

क्यों भड़के यात्री? देरी और उपेक्षा बनी वजह

इस हंगामे के पीछे मुख्य कारण ट्रेन की 'लेटलतीफी' और रेलवे प्रशासन द्वारा पैसेंजर ट्रेन को रोककर अन्य ट्रेनों को प्राथमिकता देना बताया जा रहा है:

पहले से ही लेट थी ट्रेन: रामपुरहाट-गया पैसेंजर अपने निर्धारित समय (21:13 बजे) से 67 मिनट की देरी से रात 10:20 बजे मानपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 4 पर पहुँची थी।

प्लेटफॉर्म पर 1 घंटे 47 मिनट का इंतजार: जंक्शन पहुँचने के बाद भी ट्रेन को आगे प्रस्थान के लिए सिग्नल नहीं दिया गया। यात्री बार-बार लोको पायलट और स्टेशन स्टाफ से पूछताछ कर रहे थे, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा था।

पैसेंजर को रोककर 6 ट्रेनों को निकाला: यात्रियों की नाराजगी तब चरम पर पहुँच गई जब उन्होंने देखा कि उनकी ट्रेन को खड़ा रखकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गया एक्सप्रेस समेत करीब 6 अन्य ट्रेनों और मालगाड़ियों को थ्रू सिग्नल देकर पास कराया गया।

रात 12 बजे के बाद हुआ पथराव

जैसे-जैसे समय बीतता गया, प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी और तनाव बढ़ता गया। आरपीएफ कर्मियों ने यात्रियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोश कम नहीं हुआ।

घटना का समय: रात करीब 00:07 बजे (12 बजकर 7 मिनट पर) एक आक्रोशित यात्री ने पत्थर चलाकर इंजन का विंडो ग्लास तोड़ दिया।

प्रस्थान: अंततः रात करीब 12:05 बजे (00:05) लाइन क्लियर मिलने के बाद ट्रेन को गया जंक्शन के लिए रवाना किया गया।

आरपीएफ की कार्रवाई: अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

गया आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव के अनुसार, इस उपद्रव को गंभीरता से लिया गया है।

रेलवे अधिनियम: रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप में अज्ञात यात्रियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच: आरपीएफ अब स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर पथराव करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है।

[Image showing a damaged train engine with a cracked windshield and angry passengers on a railway platform at night]

रेलवे का पक्ष: लाइन क्लीयरेंस की समस्या

स्टेशन मास्टर के मुताबिक, गया जंक्शन से लाइन क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण ट्रेन को मानपुर में रोकना पड़ा था। पहले 23:55 बजे लाइन मिलने की बात कही गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से उसे निरस्त कर एक्सप्रेस ट्रेनों को पहले पास कराना पड़ा।