Prabhat Vaibhav,Digital Desk : सदर तहसील के रामपुर और बहेरा गांव में जल्द ही पूर्वांचल का सबसे बड़ा विद्युत पारेषण उपकेंद्र तैयार होगा। पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) ने इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली है। यह सब स्टेशन 126 एकड़ में बनेगा और इसमें चार 1500 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
इस नए पुलिंग सब स्टेशन को प्रयागराज-रॉबर्ट्सगंज और गया-वाराणसी-रॉबर्ट्सगंज पारेषण लाइनों से जोड़ा जाएगा। इससे क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति अधिक सुचारू और भरोसेमंद होगी। साथ ही अन्य विद्युत उपकेंद्रों पर पड़ने वाला लोड भी घटेगा।
जमीन अधिग्रहण और मुआवजा
सब स्टेशन के निर्माण के लिए 208 ग्रामीणों की जमीन चिन्हित की गई है। अधिकारियों ने कहा कि किसी का भवन अधिग्रहित नहीं किया जाएगा; सिर्फ खाली जमीन ही ली जाएगी। ग्रामीणों को सर्किल रेट के चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह के निर्देश पर एसडीएम सदर ने जमीन का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। तहसील स्तर पर कई बार सार्वजनिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं ताकि ग्रामीणों से सहमति ली जा सके।
बिजली आपूर्ति में सुधार
जैसे-जैसे क्षेत्र में नए संस्थान, कंपनियां, शोरूम और आवासीय क्षेत्र बढ़ रहे हैं, बिजली की मांग भी बढ़ रही है। इस उपकेंद्र के बनने से विद्युत आपूर्ति में स्थिरता आएगी और भविष्य में बिजली की कमी या ब्लैकआउट की समस्या कम होगी।
विनीत कुमार, महाप्रबंधक, PGCIL इंडिया ने बताया कि ग्रिड प्रोसेसिंग यूनिट की अनुमति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा और तीन वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।
आंकड़ों में विवरण
126 एकड़ – सदर तहसील में पुलिंग सब स्टेशन का क्षेत्र
6000 मेगावाट – सब स्टेशन की क्षमता
1500 एमवीए – चार ट्रांसफार्मर सब स्टेशन में लगाए जाएंगे
208 ग्रामीणों – रामपुर और बहेरा गांवों की जमीन अधिग्रहित
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