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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : टी20 विश्व कप 2026 की ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय खेमे में जश्न का माहौल है, लेकिन इस महाविजय के पीछे की असली कहानी अब सामने आ रही है। टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खिताबी जीत के बाद एक भावुक कर देने वाला खुलासा किया है। सूर्या ने बताया कि कैसे टीम के 'संकटमोचन' संजू सैमसन ने अपने संघर्ष और अटूट धैर्य से हारते हुए मैचों को जीत में बदल दिया। विश्व कप के शुरुआती मुकाबलों में बेंच पर बैठने के बावजूद सैमसन ने जिस तरह की वापसी की, उसने न केवल आलोचकों का मुंह बंद कर दिया, बल्कि भारत की झोली में ट्रॉफी डालने में अहम भूमिका निभाई।

बेंच से बाहर निकले और मैदान पर मचाया गदर: संजू सैमसन की अविश्वसनीय वापसी

कप्तान सूर्या ने बताया कि टूर्नामेंट के पहले कुछ मैचों में टीम कॉम्बिनेशन के चलते संजू सैमसन को अंतिम ग्यारह (Playing XI) में जगह नहीं मिल पाई थी। कोई भी खिलाड़ी इस स्थिति में निराश हो सकता था, लेकिन संजू के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने लगातार तीन मैचों में तीन तूफानी अर्धशतक जड़कर विपक्षी टीमों के पसीने छुड़ा दिए। सैमसन के इस प्रदर्शन ने मिडिल ऑर्डर को वो मजबूती दी, जिसकी तलाश टीम इंडिया पिछले कई महीनों से कर रही थी। कप्तान के मुताबिक, संजू का यह संघर्ष और फिर शानदार कमबैक ही इस वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी प्रेरणा रही।

सूर्या-हार्दिक की 'वो' खास मीटिंग: जब बदल गई भारत के अभियान की दिशा

वर्ल्ड कप के बीच एक समय ऐसा भी आया जब टीम इंडिया पर दबाव बढ़ रहा था। सूर्या ने खुलासा किया कि एक रात उन्होंने और उप-कप्तान हार्दिक पांड्या ने एक बंद कमरे में लंबी टीम मीटिंग की। इस सीक्रेट मीटिंग में टीम की रणनीति को पूरी तरह से बदलने का फैसला लिया गया। सूर्या और हार्दिक ने तय किया कि अब वे सुरक्षित खेलने के बजाय बेखौफ अंदाज (Fearless Cricket) अपनाएंगे। इसी रणनीति के बाद मैदान पर खिलाड़ियों का बॉडी लैंग्वेज बदल गया और भारत ने एक के बाद एक बड़ी टीमों को पटखनी देते हुए विश्व विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया।

संजू सैमसन का जज्बा और कप्तान का भरोसा

सूर्यकुमार यादव ने साफ किया कि संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी टीम के लिए अनमोल हैं। शुरुआती मैचों में बाहर रहने के बाद भी जिस तरह संजू ने खुद को मानसिक रूप से तैयार रखा और फिर मैदान पर जाकर रनों की बरसात की, उसने कप्तान का भरोसा उन पर और बढ़ा दिया। सूर्या ने कहा कि टीम की यह जीत केवल उनकी कप्तानी की नहीं, बल्कि संजू के संघर्ष और हार्दिक के साथ बनाई गई उस गेम-प्लानिंग की जीत है जिसने भारत को एक बार फिर क्रिकेट की दुनिया का बेताज बादशाह बना दिया।