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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रिंग रोड स्थित अवैध झोपड़ियों में बुधवार को लगी आग ने गुरुवार को एक बेहद खौफनाक मोड़ ले लिया। मलबे की तलाशी के दौरान राहत टीमों को दो मासूम बच्चियों के शव बरामद हुए हैं। आग इतनी भयावह थी कि मासूमों को बचने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे के बाद अब भी मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते प्रशासन का सर्च ऑपरेशन जारी है।

बाराबंकी के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, जिंदा जलीं दो बहनें

गाजीपुर सर्किल के एसीपी ए विक्रम सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की पहचान बाराबंकी के रामसनेहीघाट निवासी सतीश की दो पुत्रियों के रूप में हुई है। मरने वाली बच्चियों में 2 वर्षीय श्रुति और उसकी महज दो महीने की छोटी बहन शामिल है। आग लगने के समय ये मासूम झोपड़ी के भीतर थीं और देखते ही देखते आग के शोलों ने इन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

खाक हुए आशियाने, राख में जिंदगी तलाश रहे पीड़ित

गुरुवार सुबह रिंग रोड पर मंजर बेहद हृदयविदारक था। भीषण अग्निकांड के बाद अपना सब कुछ खो चुके लोग जले हुए मलबे में अपने जीवन भर की कमाई और सामान तलाशते नजर आए। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि वहां राख के अलावा कुछ नहीं बचा। दमकल की दो गाड़ियां एहतियात के तौर पर अब भी मौके पर तैनात हैं ताकि मलबे से दोबारा चिंगारी न भड़क उठे।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि अवैध बस्तियों में आग किन कारणों से लगी और क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।

राहत और बचाव कार्य जारी, कई अब भी लापता

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इलाके से अभी भी कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत टीमें लगातार मलबे को हटाकर तलाशी ले रही हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। इलाके के लोग अब भी सदमे में हैं और शासन से मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं।