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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : बिहार के महत्वपूर्ण रेल केंद्रों में से एक, गया जंक्शन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अगले 20 दिन चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। रेलवे प्रशासन ने जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर ट्रैक की मरम्मत और तकनीकी सुधार के लिए 20 दिनों का मेगा ब्लॉक लेने का फैसला किया है। यह ब्लॉक 27 अप्रैल से शुरू होकर 16 मई तक जारी रहेगा, जिससे ट्रेनों के परिचालन पर व्यापक असर पड़ेगा।

प्लेटफॉर्म-1 पर काम, अब प्लेटफॉर्म-2 बनेगा 'राजधानी' का नया ठिकाना

मरम्मत कार्य के कारण प्लेटफॉर्म संख्या-1 को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ऐसे में गया जंक्शन से गुजरने वाली सभी प्रीमियम और महत्वपूर्ण ट्रेनों को अब प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर शिफ्ट कर दिया गया है। हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी, तेजस राजधानी, सियालदह राजधानी, दून एक्सप्रेस और जोधपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें अब प्लेटफॉर्म-2 से ही चलेंगी। अचानक हुए इस बदलाव से स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने की आशंका है, जिसे देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने का दावा किया है।

मानपुर जंक्शन बना अस्थायी टर्मिनल: इन ट्रेनों के लिए गया जाना मना

मेगा ब्लॉक के चलते गया स्टेशन की क्षमता प्रभावित हुई है, जिसके कारण कुछ ट्रेनों को मानपुर जंक्शन पर ही शॉर्ट-टर्मिनेट (समाप्त) कर दिया गया है।

15619 (गया-कामाख्या एक्सप्रेस): 28 अप्रैल से 16 मई तक यह ट्रेन गया के बजाय मानपुर से खुलेगी।

15620 (कामाख्या-गया एक्सप्रेस): 27 अप्रैल से 16 मई तक यह ट्रेन गया नहीं आएगी और मानपुर स्टेशन पर ही अपनी यात्रा समाप्त करेगी।

गया के यात्रियों को इन ट्रेनों को पकड़ने के लिए अब मानपुर तक का अतिरिक्त सफर तय करना होगा।

रूट डायवर्जन और री-शेड्यूलिंग: डेली पैसेंजर्स की बढ़ी परेशानी

मरम्मत कार्य का असर केवल प्लेटफॉर्म पर ही नहीं, बल्कि ट्रेनों के रूट और समय पर भी पड़ा है। पटना-चोपन (03253/03254) जैसी ट्रेनें अब गया होकर नहीं गुजरेंगी, इन्हें वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर दिया गया है। वहीं, पटना-गया-डेहरी मेमू (63245) को पटना से 105 मिनट की देरी से चलाया जाएगा। ट्रेनों के समय में इस बड़े बदलाव से रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

कोच हुए कम, भीड़ होगी ज्यादा: यात्रा होगी चुनौतीपूर्ण

रेलवे ने परिचालन संबंधी कारणों से कुछ ट्रेनों में कोचों की संख्या भी कम कर दी है। सिंगरौली-पटना एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में 20 की जगह अब केवल 18 कोच ही रहेंगे। कोच कम होने और ब्लॉक के कारण ट्रेनों के देरी से चलने से यात्रियों को सीट के लिए मारामारी करनी पड़ सकती है।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह:

रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे घर से निकलने से पहले 'नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम' (NTES) या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 के जरिए अपनी ट्रेन का सही समय और प्लेटफॉर्म नंबर जरूर चेक कर लें। 20 दिनों की यह परेशानी भविष्य में सुरक्षित और सुगम रेल यात्रा के लिए उठाई जा रही है।