Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में जनगणना‑2027 की तैयारी अब तेज गति से चल रही है। इसके असरदार आयोजन और संचालन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी 75 जिलों में ‘जनगणना समन्वय समिति’ का गठन कर दिया गया है। इन समितियों के माध्यम से जनगणना से जुड़े कार्यों की बेहतर योजना और समन्वयन किया जाएगा।
जनगणना का यह अभियान देश की महत्वपूर्ण आबादी‑सम्बंधी प्रक्रिया है, जो घर‑घर की तिथियों, नागरिकों की जानकारी और सामाजिक‑आर्थिक डेटा को संगठित रूप से एकत्रित करने का काम करती है। 2027 के सेंसस को लेकर प्रदेश स्तरीय योजनाओं में तेजी लाई जा रही है ताकि यह काम व्यवस्थित और समय पर पूरा हो सके।
सरकार की प्राथमिकता है कि जनगणना‑2027 रणनीतिक और तकनीकी दृष्टि से मजबूत हो। इसके लिए जिला स्तर पर गठित ये समितियाँ जनगणना से जुड़े डेटा संग्रह, निरीक्षण, प्रशिक्षु कर्मियों की तैयारी और साथ‑साथ विभागीय समन्वयन को सुनिश्चित करेंगी।
इस तैयारी का हिस्सा पहले ही जारी किया गया है कि प्रशासनिक इकाइयों का ढांचा जनगणना के दौरान अपरिवर्तित रहना चाहिए ताकि आंकड़ों में स्पष्टता बनी रहे। इसके लिए दिसंबर 2025 के अंत तक सभी जिलों और तहसीलों को अंतिम रूप दिया जाना है।
उत्तर प्रदेश में सेंसस 2027 की पहली चरणीय गतिविधियां मई‑जून 2026 में ‘हाउस‑लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के साथ शुरू होंगी, जिसमें लगभग छह लाख कर्मियों को तैनात किया जाएगा और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए डेटा संग्रह किया जाएगा।




