Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पश्चिम चंपारण के पिपरासी क्षेत्र के लिए रेल कनेक्टिविटी को लेकर एक बड़ी पहल सामने आई है। पनियहवा–तमकुही नई रेलवे लाइन परियोजना के तहत बुधवार को जिला स्तर से गठित चार सदस्यीय टीम ने प्रस्तावित रेल लाइन की जद में आने वाली भूमि का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अंचल कार्यालय पिपरासी का भी औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण टीम का नेतृत्व अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिंह ने किया। टीम ने अंचल नाजिर से कैश बुक सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच की, जो संतोषजनक पाई गई। साथ ही आरटीपीएस और अन्य पंजीयों का भी अवलोकन किया गया। अपर समाहर्ता ने कार्यालयीन कार्यों को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
अंचलाधिकारी शशिकांत यादव ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत जिन किसानों की भूमि रेलवे लाइन की जद में आ रही है, उनका मूल्यांकन किया जाएगा। भूमि का रेट निर्धारण होने के बाद प्रस्ताव रेलवे विभाग को भेजा जाएगा, ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
टीम में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी विनोद मिश्रा, जिला निबंधन पदाधिकारी और बगहा के डीसीएलआर शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान डुमरी मौजा, सौरहा और पिपरासी क्षेत्र की भूमि का गहन जायजा लिया गया।
अंचलाधिकारी ने बताया कि इससे पहले भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत कई किसानों को मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। नई प्रक्रिया के जरिए शेष भूमि का आकलन किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि पिपरासी के सीमावर्ती क्षेत्र जरार जटहा में नए रेलवे स्टेशन के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया है। स्टेशन बनने की स्थिति में रेलवे भूमि की चौड़ाई बढ़ेगी, जिसको लेकर अंचल स्तर पर आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान अंचल अमीन मनोज यादव, राजस्व कर्मी अमित कुमार, विट्टू कुमार, रंजन कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नई रेल लाइन और स्टेशन से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।




