Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश को $1$ ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। राज्य में विदेशी निवेश (FDI) की बाढ़ लाने के लिए 'इन्वेस्ट यूपी' अब सात समंदर पार रोड शो आयोजित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वैश्विक अभियान के लिए 20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत कर दी है। इस धनराशि का उपयोग जापान, सिंगापुर, जर्मनी और अमेरिका जैसे दिग्गज औद्योगिक देशों में निवेशकों को लुभाने और 'राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस' आयोजित करने के लिए किया जाएगा।
'चाइना प्लस वन' नीति पर फोकस: चीन से मोहभंग होने वाली कंपनियों पर नजर
उत्तर प्रदेश सरकार की रणनीति इस बार बेहद सटीक है। इन्वेस्ट यूपी 'चाइना प्लस वन' (China Plus One) योजना पर तेजी से काम कर रहा है। इसके तहत उन बहुराष्ट्रीय कंपनियों से संपर्क साधा जा रहा है जो वर्तमान में चीन में निवेशित हैं लेकिन अब अपने विनिर्माण केंद्रों (Manufacturing Hubs) के लिए भारत जैसे सुरक्षित और विकासशील विकल्प की तलाश कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और जर्मनी की उन बड़ी कंपनियों को यूपी लाना है जो चीन से अपना कारोबार समेटना या विस्तार करना चाहती हैं।
इन 8 देशों में सजेगा उत्तर प्रदेश का मंच
इन्वेस्ट यूपी ने दुनिया के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को चिन्हित किया है, जहां उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' का प्रदर्शन किया जाएगा:
एशिया: जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया।
यूरोप: जर्मनी, यूके (ब्रिटेन), फ्रांस, रूस।
अमेरिका: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)।
GBC-5 से पहले निवेश का महाकुंभ
राज्य सरकार की कोशिश है कि प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC)-5 के आयोजन से पहले इन देशों में रोड शो संपन्न कर लिए जाएं। इससे न केवल निवेश के नए प्रस्ताव (MoUs) मिलेंगे, बल्कि धरातल पर उतरने वाले प्रोजेक्ट्स की संख्या में भी भारी इजाफा होगा। गौरतलब है कि दो माह पहले सीएम योगी के सिंगापुर और जापान दौरे से ही सरकार को 4 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। वहीं, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में एक दल जर्मनी का दौरा भी कर चुका है।
निवेश के लिए क्यों तैयार हैं विदेशी कंपनियां?
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में बेहतर होती कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे का जाल, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और लैंड बैंक की उपलब्धता विदेशी निवेशकों के लिए सबसे बड़े आकर्षण हैं। सरकार द्वारा मंजूर किए गए 20 करोड़ रुपये इन देशों में यूपी की 'ब्रांडिंग' और निवेशकों के साथ सीधी बातचीत (Round Table Summits) पर खर्च किए जाएंगे।




