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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज, शनिवार 7 मार्च को धर्मनगरी हरिद्वार के एक दिवसीय दौरे पर हैं। गृह मंत्री का यह दौरा उत्तराखंड की राजनीति के लिए 'टर्निंग पॉइंट' माना जा रहा है। वे बैरागी कैंप (Bairagi Camp) में आयोजित भव्य कार्यक्रम "जन-जन की सरकार: चार साल बेमिसाल" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार के 4 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव 2027 का चुनावी बिगुल फूंकने जा रही है।

'विकास और न्याय' का संगम: प्रदर्शनी का करेंगे उद्घाटन

अमित शाह के आज के कार्यक्रम की दो मुख्य कड़ियां हैं:

विकास प्रदर्शनी: गृह मंत्री उत्तराखंड की पिछले 4 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, केदारखंड-मानसखंड कॉरिडोर और महिला सशक्तिकरण जैसे बड़े फैसलों के मॉडल और डिजिटल डिस्प्ले दिखाए जाएंगे।

न्याय संहिता प्रदर्शनी: देश के नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता) को लेकर जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 7 से 9 मार्च तक चलने वाली राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का भी वे शुभारंभ करेंगे। इसके माध्यम से त्वरित न्याय और नागरिक केंद्रित पुलिसिंग का संदेश दिया जाएगा।

करोड़ों की परियोजनाओं का शिलान्यास और जनसभा

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह हरिद्वार के बैरागी कैंप में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे राज्य के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। मंच पर मुख्यमंत्री धामी के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कैबिनेट के सभी मंत्री मौजूद रहेंगे। गृह मंत्री का संबोधन मुख्य रूप से राज्य में 'राजनीतिक स्थिरता' और 'डबल इंजन' सरकार की उपलब्धियों पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।

सुरक्षा का अभेद्य किला और 'नो फ्लाई ज़ोन'

गृह मंत्री की सुरक्षा को लेकर हरिद्वार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां 'हाई अलर्ट' पर हैं।

सुरक्षा दस्ता: 5 IPS अधिकारियों की देखरेख में करीब 2500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। NSG और एटीएस (ATS) की टीमें कार्यक्रम स्थल की घेराबंदी किए हुए हैं।

ड्रोन पर पाबंदी: पूरे हरिद्वार शहर और खासकर बैरागी कैंप क्षेत्र को 'नो फ्लाई ज़ोन' घोषित किया गया है। निजी ड्रोन उड़ाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रैफिक एडवाइजरी: दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और शहर के मुख्य चौराहों पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित किया गया है। श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।

क्या हैं इस दौरे के राजनीतिक मायने?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 23 मार्च को सरकार के 4 साल पूरे होने से 16 दिन पहले ही यह आयोजन करना भाजपा की सोची-समझी रणनीति है। अमित शाह इस दौरे के जरिए न केवल धामी सरकार के कामकाज पर मुहर लगाएंगे, बल्कि पार्टी के भीतर 'ऑल इज वेल' का संदेश देकर गुटबाजी पर भी लगाम कसेंगे। शाह का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और विपक्षी खेमे को अपनी एकजुटता दिखाने का एक बड़ा जरिया है।