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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भाजपा नेत्री अपर्णा यादव और उनके पति प्रतीक यादव के वैवाहिक जीवन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा कर अपर्णा यादव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और जल्द तलाक देने की बात कही है। इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

प्रतीक यादव की इस पोस्ट ने लोगों को इसलिए भी चौंकाया, क्योंकि कुछ ही समय पहले दोनों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ देखा गया था। प्रतीक ने अपनी पोस्ट में अपर्णा पर परिवारिक रिश्ते बिगाड़ने, सिर्फ अपनी छवि और प्रभाव बढ़ाने पर ध्यान देने और मानसिक रूप से उन्हें परेशान करने जैसे आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि उनकी मानसिक स्थिति खराब है और इस बात से अपर्णा को कोई फर्क नहीं पड़ता।

अपर्णा यादव न सिर्फ भाजपा की सक्रिय नेता हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं। वहीं प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं और मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र हैं। मुलायम सिंह यादव ने अपने जीवनकाल में प्रतीक को सार्वजनिक रूप से अपना बेटा स्वीकार किया था।

प्रतीक और अपर्णा की शादी साल 2011 में हुई थी। यह एक लव मैरिज थी और सैफई में हुए विवाह समारोह में परिवार के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। शादी के बाद दोनों के दो बेटियां हुईं और शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा। राजनीति में सक्रिय होने के बाद अपर्णा यादव ने 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

2022 में जब समाजवादी पार्टी ने अपर्णा यादव को टिकट नहीं दिया, तो उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। माना जा रहा है कि परिवार की राजनीतिक विरासत से अलग जाकर विरोधी दल में शामिल होना ही पति-पत्नी के बीच तनाव की बड़ी वजह बनी। हालांकि, इस पूरे मामले पर अपर्णा यादव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रतीक यादव की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह मामला निजी रिश्तों से निकलकर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आगे दोनों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।