Prabhat Vaibhav,Digital Desk : दियारा क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली धर्मावती नदी पर आखिरकार चेक डैम निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सरना गांव के पास लघु सिंचाई विभाग की ओर से भूमि पूजन के साथ इस परियोजना का शुभारंभ किया गया। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह चेक डैम क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी सौगात साबित होने वाला है।
हजारों एकड़ कृषि भूमि को मिलेगा सालभर पानी
चेक डैम के निर्माण से आसपास के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। अनुमान है कि इससे तीन से चार हजार एकड़ कृषि योग्य भूमि की सालभर सिंचाई संभव हो सकेगी। इससे न केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
भूगर्भीय जलस्तर रहेगा संतुलित
इस परियोजना का एक बड़ा फायदा यह भी है कि क्षेत्र का भूगर्भीय जलस्तर संतुलित बना रहेगा। अब तक बारिश के बाद धर्मावती नदी का पानी गंगा में बह जाने से गर्मियों में नदी सूख जाती थी, लेकिन चेक डैम बनने के बाद वर्षा जल का संरक्षण होगा और जल संकट की समस्या काफी हद तक कम होगी।
15 किलोमीटर क्षेत्र तक दिखेगा असर
बरसात के मौसम में नदी में भरपूर पानी रहता है, लेकिन बाद में जलकुंभी और सेवार भर जाने से नदी अनुपयोगी हो जाती है। चेक डैम बनने से पानी का बहाव नियंत्रित रहेगा और इसका सकारात्मक असर करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र तक देखने को मिलेगा। इससे नदी के दोनों किनारों के किसान पंपसेट और बिजली चालित मोटरों के जरिए सिंचाई कर सकेंगे।
आवागमन की समस्या में भी मिलेगी राहत
सरना गांव के पास स्थायी पुल नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को बांस-बल्ले से बने अस्थायी चाचर पुल का सहारा लेना पड़ता है, जो बाढ़ में बह जाता है। चेक डैम बनने से इस समस्या में भी आंशिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आरसीसी तकनीक से बनेगा मजबूत ढांचा
लघु सिंचाई विभाग के अभियंता ऋषि कुमार के अनुसार, पानी का स्तर कम होते ही निर्माण कार्य युद्धस्तर पर किया जाएगा। चेक डैम की लंबाई 42 मीटर, चौड़ाई 27 मीटर और ऊंचाई करीब पांच मीटर होगी। इसका निर्माण आरसीसी तकनीक से किया जाएगा, जिससे इसकी मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित होगा।
जनप्रतिनिधियों ने जताई उम्मीद
कार्यकारी प्रखंड प्रमुख संगीता देवी और जिला परिषद सदस्य कृष्णा देवी ने कहा कि चेक डैम से किसानों और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खेतों तक पानी पहुंचेगा और क्षेत्र का भूगर्भीय जलस्तर लंबे समय तक बेहतर बना रहेगा।




