बिहार में 'नंद घर' बनवाएंगे वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल! बोले- मैं जो कुछ भी हूं, उसमें बिहार की मिट्टी का बड़ा योगदान

बिहार में 'नंद घर' बनवाएंगे वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल! बोले- मैं जो कुछ भी हूं, उसमें बिहार की मिट्टी का बड़ा योगदान

उद्योग जगत की जानी-मानी हस्ती और वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपनी जन्मभूमि बिहार के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए राज्य के लिए एक बड़े सामाजिक प्रोजेक्ट की घोषणा की है। अपनी जड़ों से जुड़ाव को साझा करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि वह आज जीवन के जिस मुकाम पर भी हैं, उसमें बिहार की मिट्टी का बहुत बड़ा और अमूल्य योगदान है। इसी कर्ज को चुकाने और राज्य के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने के लिए वेदांता समूह बिहार में बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक 'नंद घर' (आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र) का निर्माण कराने जा रहा है, जो महिला और बाल विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।

क्या हैं 'नंद घर' और कैसे बदलेंगे ग्रामीण बिहार की सूरत?

'नंद घर' वेदांता समूह और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक अनूठी व संयुक्त पहल है। यह पारंपरिक आंगनवाड़ी केंद्रों का एक बेहद आधुनिक और डिजिटल रूप है। इन केंद्रों के जरिए ग्रामीण इलाकों में तीन प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस किया जाता है:

  • बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा: 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को ई-लर्निंग और आधुनिक ऑडियो-विजुअल टूल्स के माध्यम से प्ले-स्कूल जैसी शिक्षा दी जाती है।

  • पोषण और स्वास्थ्य: बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को कुपोषण से बचाने के लिए पौष्टिक भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलती है।

  • महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के कौशल विकास (Skill Development) और उद्यमिता के गुर सिखाए जाते हैं।

'मैं जो कुछ भी हूं, बिहार की मिट्टी की वजह से हूं'

अपनी इस घोषणा के साथ अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर बिहार के प्रति अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त किया। पटना में जन्मे और पले-बढ़े बिजनेसमैन ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि बिहार की सादगी, वहां के लोगों का संघर्ष और वहां से मिले संस्कारों ने ही उन्हें एक सफल उद्यमी बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, "बिहार से दूर रहकर भी मेरा दिल हमेशा अपनी मातृभूमि के लिए धड़कता है। मैं बिहार के बच्चों को एक बेहतर भविष्य और माताओं को सशक्त देखना चाहता हूं, और 'नंद घर' इसी दिशा में हमारा एक छोटा सा प्रयास है।"

बिहार के विभिन्न जिलों में तैयार होगा बड़ा नेटवर्क

वेदांता चेयरमैन की इस घोषणा के बाद राज्य के प्रशासनिक हल्कों में भी इसे लेकर तैयारियां और चर्चाएं शुरू हो गई हैं। योजना के मुताबिक, बिहार के उन सुदूर और पिछड़े ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां स्वास्थ्य और बाल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की सबसे ज्यादा जरूरत है। इन केंद्रों में सौर ऊर्जा (Solar Power) की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल के लिए वॉटर प्यूरीफायर और साफ-सुथरे शौचालयों का निर्माण किया जाएगा, ताकि यह न केवल शिक्षा बल्कि स्वच्छता के मामले में भी एक मॉडल के रूप में उभर सकें।

 

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