हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में लौटी जोरदार रौनक, सेंसेक्स ने भरी ऊंची उड़ान

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में लौटी जोरदार रौनक, सेंसेक्स ने भरी ऊंची उड़ान

सप्ताह भर उतार-चढ़ाव और वैश्विक बाजारों के मिले-जुले रुख से जूझने के बाद आखिरकार हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने एक मजबूत और शानदार वापसी करते हुए निवेशकों के चेहरों पर बड़ी मुस्कान बिखेर दी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) आज कारोबार की शुरुआत से ही खरीदारी के मूड में नजर आया और सत्र के अंत तक यह 600 से अधिक अंकों की जबरदस्त छलांग लगाते हुए बंद हुआ। इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी मजबूत बढ़त के साथ हरे निशान पर बंद होने में कामयाब रहा। पिछले कुछ सत्रों से विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों के भीतर थोड़ा संकोच बना हुआ था, लेकिन शुक्रवार के इस मजबूत उछाल ने यह साबित कर दिया कि भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के फंडामेंटल्स कितने मजबूत और लचीले हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस प्रकार की सकारात्मक क्लोजिंग निवेशकों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करती है और आने वाले कारोबारी सप्ताह के लिए भी एक अच्छा संकेत देती है।

आईटी शेयरों में निवेशकों की भारी लिवाली, टीसीएस और इंफोसिस समेत दिग्गजों ने संभाला मोर्चा

आज के इस शानदार कारोबारी सत्र की सबसे बड़ी और खास बात यह रही कि देश के तकनीकी क्षेत्र यानी आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी का दौर देखने को मिला, जिससे पूरे बाजार को एक मजबूत संबल मिला। पिछले कुछ हफ्तों से दबाव झेल रहे टेक शेयरों जैसे कि टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस (Infosys), एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो के शेयरों में आज निवेशकों ने खुलकर पैसा लगाया, जिसके चलते इन कंपनियों के शेयरों में अच्छी-खासी तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और वैश्वीकरण के दौर में भारतीय तकनीकी कंपनियों की मजबूत पकड़ के कारण निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर पर फिर से गहराता हुआ दिखाई दे रहा है। जब बाजार में आईटी जैसे बड़े और हेवीवेट सेक्टर के शेयर रफ्तार पकड़ते हैं, तो पूरे बाजार का सूचकांक स्वतः ही ऊपर की तरफ खिंच जाता है, और आज के दिन यही फॉर्मूला पूरी तरह से कारगर साबित हुआ। विशेषज्ञ यह मान रहे हैं कि आने वाले तिमाहियों में आईटी कंपनियों के नतीजे बेहतर रहने की उम्मीद है, जिसके चलते निवेशक अभी से इनमें लंबी अवधि का निवेश करना पसंद कर रहे हैं।

बैंकिंग, ऑटो और मेटल सेक्टर में भी दिखा दम, चौतरफा लिवाली से मजबूत हुई बाजार की स्थिति

केवल आईटी ही नहीं, बल्कि आज के कारोबार में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटोमोबाइल और मेटल जैसे अन्य प्रमुख सेक्टरों में भी चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की तेजी को और अधिक पंख लग गए। देश के बड़े बैंकों के शेयरों में लिवाली आने से वित्तीय क्षेत्र का सूचकांक मजबूत हुआ, जो इस बात का संकेत है कि घरेलू स्तर पर बैंकिंग प्रणाली की साख और ऋण वितरण की रफ्तार काफी अच्छी बनी हुई है। इसके अलावा, त्योहारी सीजन की आहट और ग्रामीण मांग में सुधार की उम्मीदों के चलते ऑटो शेयरों में भी अच्छी-खासी रौनक नजर आई, जिससे निवेशकों ने इन कंपनियों के शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने में दिलचस्पी दिखाई। बाजार विश्लेषकों का यह कहना है कि जब किसी एक सेक्टर के भरोसे बाजार न चढ़कर सभी प्रमुख सेक्टर मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो उस तेजी को अधिक टिकाऊ और सुरक्षित माना जाता है। आज के सत्र में निवेशकों की वेल्थ में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे बाजार के सभी प्रतिभागियों ने राहत की सांस ली है।

ग्लोबल संकेतों का मिला साथ और निवेशकों के लिए आगे की क्या है सही निवेश रणनीति?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों से मिले सकारात्मक संकेतों ने आज भारतीय बाजार को आगे बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। भारत का मजबूत वृहद आर्थिक ढांचा और खुदरा निवेशकों की बढ़ती हुई भागीदारी आज शेयर बाजार को दुनिया के अन्य बाजारों के मुकाबले एक सुरक्षित और आकर्षक ठिकाना बना रही है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों की निवेशकों को यह सलाह हमेशा रहती है कि किसी भी प्रकार की तेजी या मंदी के दौर में अंधाधुंध पैसा लगाने के बजाय हमेशा चुनिंदा और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही निवेश करना चाहिए। लंबी अवधि के नजरिए से क्वालिटी शेयरों में एसआईपी (SIP) के जरिए निवेश करना हमेशा से सुरक्षित और फायदेमंद साबित होता है। अंततः, हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन मिले इस शानदार तोहफे ने पूरे देश के निवेशकों और कारोबारियों को एक खुशनुमा माहौल दे दिया है, और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अगले हफ्ते बाजार इस तेजी के सिलसिले को किस प्रकार आगे बढ़ाता है।