बॉक्स ऑफिस के इतिहास में अनोखा चमत्कार, 63वें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रही हनुमान अंश

बॉक्स ऑफिस के इतिहास में अनोखा चमत्कार, 63वें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रही हनुमान अंश

भारतीय सिनेमा जगत यानी बॉक्स ऑफिस के इतिहास में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि कोई भी बड़ी से बड़ी फिल्म सिनेमाघरों में अपनी रिलीज के पहले या दूसरे हफ्ते तक ही बॉक्स ऑफिस पर अपनी धाक जमा पाती है और उसके बाद जैसे-जैसे शोज कम होते जाते हैं, उसकी कमाई का ग्राफ भी नीचे गिरने लगता है। लेकिन पिछले कुछ समय से भारतीय दर्शकों के बीच कंटेंट-ड्रिवन और माइथोलॉजिकल आधारित फिल्मों को लेकर जो दीवानगी देखने को मिली है, उसने तमाम पुराने समीकरणों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। इसी कड़ी में चर्चा के केंद्र में बनी हुई बहुचर्चित फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर एक ऐसा अजब और अनोखा संयोग रच दिया है, जिसके बारे में शायद ही किसी ट्रेड एनालिस्ट ने शुरुआती दिनों में कोई अनुमान लगाया होगा। अपनी रिलीज के पूरे 63 दिन यानी 9 हफ्ते पार कर जाने के बाद भी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस की रेस से बाहर होने के बजाय लगातार डटी हुई है और दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में पूरी तरह कामयाब हो रही है। जब किसी फिल्म का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता है, तो फिर चाहे वीकेंड हो या हफ्ते का कोई आम दिन, उसकी कमाई के आंकड़े हर किसी को हैरान कर देते हैं, और 'हनुमान अंश' ने इस बात को बिल्कुल सच साबित कर दिखाया है।

9वें हफ्ते में 'द वन' को दी धोबी पछाड़, बॉक्स ऑफिस पर लंबी रेस का घोड़ा साबित हुई यह फिल्म

जब फिल्म अपनी रिलीज के 9वें हफ्ते में प्रवेश करती है, तो अमूमन सिनेमाघरों में उसकी स्क्रीन्स गिनती की रह जाती हैं और दर्शक ओटीटी रिलीज का इंतजार करने लगते हैं, लेकिन इस मामले में 'हनुमान अंश' ने अपने समकालीन प्रतिद्वंद्वी मानी जाने वाली फिल्म 'द वन' को बॉक्स ऑफिस की कमाई के मामले में पीछे छोड़ते हुए एक बहुत बड़ी बढ़त हासिल कर ली है। ट्रेड सर्किल से आ रही रिपोर्ट्स के अनुसार, 9वें हफ्ते के दौरान जहां अन्य फिल्मों की ऑक्यूपेंसी में भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं 'हनुमान अंश' के शोज में अभी भी दर्शकों की अच्छी खासी मौजूदगी बनी हुई है, जिससे इसकी कुल कमाई का आंकड़ा लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। फिल्म के निर्माताओं और वितरकों ने भी शायद यह नहीं सोचा होगा कि माउथ पब्लिसिटी और पारिवारिक दर्शकों के भारी समर्थन के चलते यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इतने लंबे समय तक टस से मस नहीं होगी। सिनेमाघरों के बाहर लगे पोस्टर्स और टिकट खिड़की पर अभी भी इस फिल्म को लेकर जो उत्साह देखा जा रहा है, वह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि अच्छी कहानी और मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव वाली फिल्मों को दर्शक कभी निराश नहीं करते, चाहे उनके सामने कितनी भी बड़ी फिल्में क्यों न खड़ी हों।

माउथ पब्लिसिटी और मजबूत कंटेंट बना इस लंबी सफलता का मुख्य आधार, दर्शक क्यों खींच चले आ रहे हैं सिनेमा हॉल?

फिल्म 'हनुमान अंश' के इस ऐतिहासिक और लंबे बॉक्स ऑफिस सफर के पीछे सबसे बड़ा योगदान आम दर्शकों द्वारा की जा रही उसकी माउथ पब्लिसिटी (Word of Mouth) का है, जो सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी विज्ञापन से ज्यादा ताकतवर साबित हुई है। फिल्म की कहानी, इसके भावुक क्षण, विजुअल इफेक्ट्स और सनातन संस्कृति से जुड़े प्रसंगों ने हर आयु वर्ग के दर्शकों को अपने साथ गहराई से जोड़ लिया है, जिसके कारण लोग इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ बार-बार देखने के लिए सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं। जब कोई फिल्म अपनी कहानी के दम पर टिकती है, तो उसे बड़े-बड़े स्टार्स या भारी-भरकम मार्केटिंग बजट की भी बहुत ज्यादा आवश्यकता नहीं रह जाती है, और 'हनुमान अंश' ने इस बात को एक बार फिर से सुनहरे अक्षरों में लिख दिया है। सिनेमाघरों के मालिकों का भी यह कहना है कि पिछले कई हफ्तों से लगातार सुस्त पड़े बॉक्स ऑफिस को इस फिल्म ने जिस तरह से संजीवनी देने का काम किया है, वह वास्तव में सराहनीय है और आने वाले समय के फिल्म निर्माताओं के लिए एक बहुत बड़ा सबक भी है कि वे हमेशा गुणवत्ता पर ध्यान दें।

आने वाले दिनों में और कितने रिकॉर्ड तोड़ेगी यह फिल्म? जानिए क्या कहते हैं ट्रेड एक्सपर्ट्स के आंकड़े

चूंकि अब यह फिल्म अपने ऐतिहासिक सफर के अंतिम चरणों की ओर बढ़ रही है, इसके बावजूद इसके कुल लाइफटाइम कलेक्शन के आंकड़े एक नया मील का पत्थर स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ट्रेड पंडितों और बॉक्स ऑफिस ट्रैकर्स का यह मानना है कि 63वें दिन और 9वें हफ्ते में इस प्रकार के आंकड़े दर्ज करना किसी भी मध्यम बजट की फिल्म के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि है, जो आने वाले वर्षों में भी मिसाल के तौर पर याद रखी जाएगी। 'द वन' जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना यह साबित करता है कि भारतीय दर्शक अब केवल सतही मसाला फिल्मों के बजाय एक अर्थपूर्ण और मनोरंजक सिनेमा को प्राथमिकता दे रहे हैं। अंततः, 'हनुमान अंश' की यह लंबी और यादगार सफलता इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि सिनेमाघरों में दर्शक उसी फिल्म को पूजते हैं जो उनके दिलों को छू जाती है, और आने वाले समय में इस फिल्म के रिकॉर्ड्स को तोड़ना किसी भी अन्य प्रोजेक्ट के लिए आसान नहीं होगा।