Stock Market Today: शेयर बाजार में लौटी हरियाली, तीन दिनों की गिरावट के बाद सेंसेक्स-निफ्टी चढ़े, जानें वजह
भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए आज का दिन राहत और उत्साह से भरा रहा, क्योंकि पिछले तीन दिनों से लगातार जारी भारी बिकवाली और मंदी के दौर के बाद आखिरकार बाजार में शानदार हरियाली लौट आई है। सप्ताह के शुरुआती सत्रों में कमजोरी का सामना करने के बाद आज प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) दोनों ने ही दमदार बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार बंद किया। बाजार की इस अचानक आई जोरदार वापसी से निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान वापस आ गई है और पोर्टफोलियो में एक बार फिर सुधार देखने को मिला है। ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बावजूद घरेलू निवेशकों की मजबूत लिवाली और चुनिंदा दिग्गज शेयरों में हुई खरीदारी ने बाजार को गिरने से बचा लिया और उसे नई ऊंचाई की ओर धकेल दिया। इस पूरे कारोबारी सत्र के दौरान बाजार की चाल ने यह साबित कर दिया है कि घरेलू स्तर पर भारतीय बाजार की बुनियाद कितनी मजबूत है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर वह कौन से मुख्य कारण रहे जिनके दम पर शेयर बाजार में यह जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली और किन सेक्टरों ने इसमें सबसे अहम भूमिका निभाई।
दिग्गज शेयरों में भारी लिवाली और बैंकिंग सेक्टर का शानदार प्रदर्शन
आज के कारोबार में बाजार को सबसे बड़ा सहारा देश के दिग्गज शेयरों और खासकर बैंकिंग तथा फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर से मिला है। पिछले कुछ दिनों की भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे ब्लू-चिप शेयरों में कम कीमत पर खरीदारी (Value Buying) करने में गहरी रुचि दिखाई। जब इन भारी भारांक वाले शेयरों में खरीदारी शुरू हुई, तो उसका सीधा असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा और सेंसेक्स तथा निफ्टी रॉकेट की रफ्तार से ऊपर चढ़ने लगे। इसके अलावा ऑटोमोबाइल और एफएमसीजी शेयरों में भी निवेशकों का अच्छा खासा रुझान देखने को मिला, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह से बुलिश हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी बाजार में लगातार गिरावट होती है, तो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक बेहतरीन मौका होता है, और आज वही पैटर्न एक बार फिर दोहराया गया जहां स्मार्ट मनी ने निचले स्तरों पर पोजीशन बनाई और बाजार को संभलने का पूरा मौका दिया।
ग्लोबल संकेतों का प्रभाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों की चाल
घरेलू शेयर बाजार की इस तेजी में वैश्विक बाजारों से मिल रहे संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPIs/FIIs) के रुख ने भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अमेरिकी शेयर बाजारों में हालिया स्थिरता और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आ रहे नरम बयानों ने वैश्विक निवेशकों के भीतर जोखिम उठाने की क्षमता को बढ़ाया है। हालांकि विदेशी निवेशकों की तरफ से बिकवाली का दौर पूरी तरह थमा नहीं है, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और म्यूचुअल फंड्स ने जिस तरह से लगातार भारतीय बाजार में पैसा लगाया है, उसने विदेशी बिकवाली के असर को पूरी तरह से बेअसर कर दिया है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में स्थिरता ने भी उभरते बाजारों के लिए माहौल को काफी अनुकूल बना दिया है। इन तमाम वैश्विक और घरेलू कारकों के मेल ने आज भारतीय शेयर बाजार को मंदी के उस दौर से बाहर निकालने में मदद की, जो पिछले कुछ सत्रों से निवेशकों की नींद उड़ा रहा था।
आने वाले दिनों में बाजार का रुख और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
पिछले तीन दिनों की गिरावट के बाद बाजार में लौटी यह तेजी भले ही निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत हो, लेकिन जानकारों का यह सुझाव है कि अभी भी पूरी तरह से सतर्कता बरतने की जरूरत है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का यह दौर आगे भी जारी रह सकता है, क्योंकि कॉर्पोरेट कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक भू-राजनीतिक हालात और आगामी आर्थिक आंकड़े बाजार की अगली दिशा तय करेंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की भावनाओं में बहकर अंधाधुंध ट्रेडिंग करने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही निवेश करें और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखें। यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो इस तरह के उतार-चढ़ाव आपके लिए बेहतर खरीदारी के अवसर साबित हो सकते हैं, बशर्ते आप अपनी निवेश रणनीति को बहुत सोच-समझकर तैयार करें। कुल मिलाकर, आज के सत्र ने यह दिखा दिया है कि भारतीय शेयर बाजार में किसी भी बड़ी मंदी के बाद वापसी करने की असाधारण ताकत मौजूद है, जो देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती का स्पष्ट प्रमाण है।