Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में जमीन, मकान या किसी भी अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त अब पहले से ज्यादा सख्त और पारदर्शी होने जा रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए PAN कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। पहले ही आधार लिंकिंग लागू की जा चुकी थी, अब PAN जोड़ने से संदिग्ध लेनदेन और बेनामी संपत्तियों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला
सरकार के अनुसार खासतौर पर भारत–नेपाल सीमा से जुड़े जिलों में फर्जी रजिस्ट्री और संदिग्ध निवेश के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई मामलों में विदेशी फंडिंग के जरिए जमीन खरीदने की आशंका सामने आई है, जो न सिर्फ आर्थिक अपराध बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा मानी जा रही है। इसी को देखते हुए PAN कार्ड को रजिस्ट्री प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनाया गया है।
अब क्या-क्या होगा अनिवार्य
प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के समय खरीदार और विक्रेता दोनों का PAN कार्ड देना जरूरी
आधार कार्ड पहले से अनिवार्य, बायोमेट्रिक या OTP से सत्यापन
बिना PAN विवरण के रजिस्ट्री प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी
सभी जिलों के रजिस्ट्री कार्यालयों को सख्ती से नियम लागू करने के निर्देश
प्रशासन को क्यों मिली चिंता
प्रशासन को जानकारी मिली है कि भारत–नेपाल सीमा से सटे इलाकों में रजिस्ट्री की संख्या तेजी से बढ़ी है और इनमें कई लेनदेन संदिग्ध पाए गए हैं। इसी कारण महानिरीक्षक निबंधन ने सभी सहायक महानिरीक्षक और उप निबंधकों को कड़ी निगरानी के निर्देश जारी किए हैं।
गवाहों पर भी कसा शिकंजा
अब रजिस्ट्री में केवल हस्ताक्षर काफी नहीं होंगे।
गवाहों को भी आधार कार्ड देना अनिवार्य
दस्तावेजों की गहन जांच
गलत जानकारी देने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई
ऑनलाइन प्रक्रिया से मिलेगी राहत
सरकार ने यह भी साफ किया है कि आम लोगों को तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।
ऑनलाइन आवेदन
स्टांप शुल्क ऑनलाइन जमा
रजिस्ट्री के लिए समय पहले से तय
इस नए नियम से यूपी में प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी, साथ ही काले धन और बेनामी निवेश पर भी करारा प्रहार होगा।




