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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज, शनिवार 7 मार्च 2026 को उत्तराखंड के एक दिवसीय दौरे पर पहुँच रहे हैं। गृह मंत्री का यह दौरा धार्मिक नगरी हरिद्वार के 'बैरागी कैंप' (Bairagi Camp) में केंद्रित रहेगा, जहाँ वे राज्य सरकार के चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियों और केंद्र के नए कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। अमित शाह के आगमन को लेकर पूरी देवभूमि, विशेषकर देहरादून और हरिद्वार में 'हाई अलर्ट' (High Alert) जारी किया गया है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए हैं कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता।

'बैरागी कैंप' में मचेगी हलचल: विकास और न्याय का संगम

गृह मंत्री दोपहर करीब 1:30 बजे हरिद्वार पहुँचेंगे। उनके कार्यक्रम की मुख्य रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:

विकास प्रदर्शनी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पिछले 4 वर्षों में हुए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और पर्यटन विकास की झलक देखेंगे।

न्याय संहिता प्रदर्शनी: 7 से 9 मार्च तक चलने वाली इस प्रदर्शनी के जरिए देश के नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता और साक्ष्य अधिनियम) के बारे में जागरूकता फैलाएंगे।

सहकारिता सम्मेलन: अमित शाह बैरागी कैंप में एक विशाल जनसभा और सहकारिता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे, जिसे 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए 'मिशन 2027' का अनौपचारिक शंखनाद माना जा रहा है।

सुरक्षा का 'महा-घेरा': ड्रोन से निगरानी और कमांडो तैनात

गृह मंत्री की सुरक्षा के लिए उत्तराखंड पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां (NSG/Z+ Security) अलर्ट मोड पर हैं।

नो-फ्लाई ज़ोन: हरिद्वार और देहरादून के हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। कार्यक्रम स्थल के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण पाबंदी है।

चप्पे-चप्पे पर पहरा: 5000 से अधिक पुलिसकर्मी, 10 IPS अधिकारी और पीएसी की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं। होटल, धर्मशालाओं और ढाबों की सघन चेकिंग की जा रही है।

रूट डायवर्जन: हरिद्वार-दिल्ली हाईवे और शहर के अंदरूनी मार्गों पर भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है ताकि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो।

राजनीतिक मायने: 2027 के 'अर्धकुंभ' और चुनाव पर नजर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। वे पार्टी की कोर कमेटी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी कर सकते हैं, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत जैसे दिग्गज शामिल होंगे। 2027 में होने वाले 'अर्धकुंभ' की तैयारियों और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर 'चाणक्य' का मार्गदर्शन उत्तराखंड भाजपा के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है।