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Pradosh Vrat 2021: इन मंत्रों से करे हनुमान जी का जाप, मिलेगा मनचाहा फल

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जब मंगलवार के दिन प्रदोष तिथि (Pradosh Vrat 2021) का योग बनता है, तब इसे भौम प्रदोष कहा जाता है। आपको बता दे मंगल ग्रह को भौम के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस व्रत बहुत महत्व है। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। हर माह में दो बार प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि- विधान से पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल के दौरान पूजा का विशेष महत्व होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 16 नवंबर को है। मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है।

Pradosh Vrat 2021

प्रदोष व्रत पूजा- विधि (Pradosh Vrat 2021)

सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
स्नान करने के बाद साफ- स्वच्छ वस्त्र पहन लें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
अगर संभव है तो व्रत करें।
भगवान भोलेनाथ का गंगा जल से अभिषेक करें।
भगवान भोलेनाथ को पुष्प अर्पित करें।
इस दिन भोलेनाथ के साथ ही माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा भी करें। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
भगवान शिव को भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।
भगवान शिव की आरती करें।
इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

हनुमान जी के मंत्र (Pradosh Vrat 2021)

-ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नमः।

नमो भगवते आन्जनेयाये महाबलाये स्वाहा।

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