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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। आदमपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के दशकों लंबे शासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत गरीब तबके को शिक्षा से दूर रखा ताकि वे कभी अपने अधिकारों के लिए आवाज न उठा सकें।

गरीबों को अनपढ़ रखना था 'राजनीतिक एजेंडा'

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पिछड़े वर्गों को अशिक्षित रखना पिछली सरकारों का एक रणनीतिक राजनीतिक फैसला था। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने दलित युवाओं की कई पीढ़ियों के भविष्य को कुचल दिया। मान ने कहा, "इन नेताओं ने न केवल गरीबों को शिक्षा से वंचित किया, बल्कि उनके विकास के लिए आने वाले स्कॉलरशिप फंड को भी हड़प लिया। इनके हाथ अनुसूचित जातियों की कई पीढ़ियों के करियर को बर्बाद करने के खून से रंगे हैं।"

बादल सरकार की शिक्षा नीति पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर सीधा निशाना साधते हुए सीएम मान ने एक उदाहरण साझा किया। उन्होंने कहा कि बादल सरकार के समय नौवीं कक्षा तक किसी भी विद्यार्थी को फेल न करने की नीति लागू की गई थी। इसके कारण छात्र अपनी कमजोरियों को नहीं जान पाए और मैट्रिक (10वीं) में जाकर फेल हो गए, जिससे उनका पूरा जीवन बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि बादलों ने गरीबों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर अधिकारी बनाने के बजाय, उन्हें सिर्फ 'आटा-दाल योजना' तक ही सीमित रखा।

'मावां-धीआं सतिकार योजना': महिलाओं के लिए बड़ी सौगात

अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'आप' सरकार बाबा साहेब के सपनों को सच कर रही है। उन्होंने 'मावां-धीआं सतिकार योजना' का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये और अन्य महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके लिए 13 अप्रैल से पंजीकरण शुरू हो चुका है और बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह एकमात्र कुंजी है जो गरीबी के चक्र को तोड़ सकती है।

बेअदबी के दोषियों को अब मिलेगी उम्रकैद

सिखों की धार्मिक भावनाओं और बेअदबी के मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और अकालियों की मिलीभगत के कारण बेअदबी के दोषी अब तक सजा से बचते रहे। उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार ने 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) बिल, 2026' पारित कर दिया है, जिसमें बेअदबी करने वालों के लिए उम्रकैद तक की कठोर सजा का प्रावधान है।

मजीठिया परिवार और जनरल डायर का जिक्र

इतिहास के पन्नों को पलटते हुए सीएम मान ने मजीठिया परिवार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 1919 के जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद मजीठिया परिवार ने दोषी जनरल डायर को रात के खाने पर आमंत्रित कर सम्मानित किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे 'गद्दार' कभी भी राज्य और जनता के वफादार नहीं हो सकते।

सिसोदिया ने केंद्र और भाजपा को घेरा

इस अवसर पर वरिष्ठ 'आप' नेता मनीष सिसोदिया ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में हरपाल चीमा के रूप में राज्य को पहला अनुसूचित जाति का वित्त मंत्री मिला है, जो बाबा साहेब की विचारधारा का सम्मान है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार बाबा साहेब के दिए गए वोट के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।