किसने बनाई हनुमान अंश, जिसने इंडिया में कमाया 27 गुना प्रॉफिट, तय किया 10 लाख से 54 करोड़ तक का सफर
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई बार ऐसी अद्भुत और हैरान कर देने वाली कहानियां सामने आती हैं, जो बड़े-बड़े स्थापित सितारों और करोड़़ों के बजट वाली फिल्मों के घमंड को चकनाचूर कर देती हैं। वर्तमान में बॉक्स ऑफिस पर एक ऐसी ही छोटी बजट की फिल्म ने तहलका मचा रखा है, जिसने अपनी लागत से कई गुना अधिक मुनाफा कमाकर हर किसी को सकते में डाल दिया है। इस फिल्म का नाम 'हनुमान अंश' है, जिसने शुरुआत बेहद धीमी और मामूली आंकड़ों के साथ की थी, लेकिन वक्त के साथ इसने जो छलांग लगाई उसने ट्रेड एनालिस्ट्स को भी हैरान कर दिया। मात्र चंद रुपयों की लागत से तैयार हुई इस आध्यात्मिक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के ऐसे नए आयाम रचे हैं, जिनकी कल्पना शायद खुद इसके निर्माताओं ने भी शुरुआत में नहीं की होगी। इस फिल्म की इस असाधारण सफलता के पीछे की कहानी, इसके निर्माण का सफर और वह जादुई आंकड़ा वाकई प्रेरणादायक है, जो यह साबित करता है कि अगर सामग्री में दम हो और जनता का भावनात्मक जुड़ाव जुड़ जाए, तो कोई भी फिल्म फर्श से अर्श तक का सफर तय कर सकती है।
कौन हैं फिल्म के मास्टरमाइंड और कैसे हुई इस अनोखी फिल्म की शुरुआत
इस ब्लॉकबस्टर और चमत्कारिक फिल्म 'हनुमान अंश' के पीछे जाने-माने लेखक, निर्देशक और निर्माता डॉ. विशाल चतुर्वेदी का विजन और उनका अटूट विश्वास है। पेशे से एक डॉक्टर रह चुके विशाल चतुर्वेदी ने सिनेमा के प्रति अपने गहरे प्रेम और जुनून के चलते साल 2011 में अपनी मेडिकल प्रैक्टिस को पूरी तरह छोड़ दिया था और पूरी तरह से रचनात्मक दुनिया में उतर आए थे। उनकी यह दूरदर्शिता और कला के प्रति समर्पण उस समय रंग लाया जब उन्होंने विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत नीम करोली बाबा के जीवन, दर्शन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित होकर इस फिल्म की पटकथा तैयार की। फिल्म का निर्माण बेहद सीमित संसाधनों और तंग बजट के भीतर किया गया था, ताकि इसके संदेश और भव्यता में कोई कमी न आए। डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने इस प्रोजेक्ट को सिर्फ एक व्यावसायिक फिल्म के तौर पर नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आह्वान और सनातन संस्कृति के प्रसार के रूप में गढ़ा, जिसका नतीजा आज पूरी दुनिया के सामने एक ऐतिहासिक सफलता के रूप में मौजूद है।
महज 2 करोड़ के बजट वाली फिल्म और 10 लाख की सुस्त शुरुआत से ऐतिहासिक सफर
जब यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तब किसी ने भी यह अनुमान नहीं लगाया था कि यह बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा चमत्कार कर पाएगी। लगभग 2 करोड़ रुपये के बेहद मामूली और छोटे बजट में बनकर तैयार हुई इस फिल्म ने रिलीज के पहले दिन यानी 7 अगस्त को भारतभर में केवल 10 लाख रुपये की ओपनिंग ली थी। शुरुआती हफ्तों तक यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रही थी और इसके आंकड़े काफी संघर्षपूर्ण नजर आ रहे थे। लेकिन जैसा कि कहा जाता है कि अच्छी और सच्ची कहानियों को दर्शकों का समर्थन मिलने में थोड़ा समय जरूर लगता है, ठीक वैसा ही 'हनुमान अंश' के साथ भी हुआ। दर्शकों के बीच जैसे-जैसे इस फिल्म की माउथ पब्लिसिटी यानी आपसी सिफारिशें फैलीं, वैसे-वैसे सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ने लगी। शुरुआत के कुछ हफ्तों के बाद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी रफ्तार पकड़ी कि बड़े-बड़े मेगा बजट प्रोजेक्ट्स और सितारों की फिल्में इसके आगे पीछे छूट गईं।
27 गुना से ज्यादा का बंपर मुनाफा और 54 करोड़ पार का जादुई आंकड़ा
'हनुमान अंश' फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जो आंकड़े दर्ज किए हैं, वे अपने आप में एक नया रिकॉर्ड हैं। शुरुआती सुस्त दिनों को पीछे छोड़ते हुए इस फिल्म ने महज कुछ हफ्तों के भीतर भारत में लगभग 54 से 57 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध (Net) बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया है, जबकि इसका ग्रॉस कलेक्शन और भी ऊपर पहुंच चुका है। यदि इसकी तुलना फिल्म के शुरुआती 2 करोड़ रुपये के निर्माण बजट से की जाए, तो यह साफ हो जाता है कि इस फिल्म ने अपनी मूल लागत से लगभग 27 से 28 गुना अधिक का शुद्ध मुनाफा कमाया है। हिंदी सिनेमा के इतिहास में बहुत कम ऐसी फिल्में आई हैं जिन्होंने इतने छोटे बजट से शुरू करके बॉक्स ऑफिस पर इस स्तर का रिटर्न दिया हो। इतना ही नहीं, रिलीज के कई हफ्ते बीत जाने के बाद भी वर्किंग्स डेज और वीकेंड्स पर इस फिल्म की टिकट खिड़की पर जो मजबूत पकड़ बनी हुई है, वह यह दर्शाती है कि दर्शक इस डिवाइन ड्रामे से किस हद तक जुड़ चुके हैं।
हनुमान अंश की सफलता के पीछे का आध्यात्मिक और भावनात्मक जादू
इस फिल्म की इस अप्रत्याशित सफलता के पीछे मुख्य कारण इसका वह गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव है जो सीधे दर्शकों के दिलों को छूता है। फिल्म की कहानी, इसके संवाद और इसके पात्र इस तरह से गढ़े गए हैं कि सिनेमाघर में बैठा हर दर्शक खुद को उस पवित्र माहौल का हिस्सा महसूस करता है। इसके अलावा, फिल्म में शामिल किए गए कर्णप्रिय और रूहानी भजन, जिन्हें दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी और अन्य कलाकारों ने अपनी आवाज दी है, ने इस फिल्म की लोकप्रियता को चरम पर पहुंचाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। आज के इस आधुनिक और भागदौड़ भरी जिंदगी वाले दौर में जहां लोग मानसिक शांति और आध्यात्मिकता की तलाश में रहते हैं, वहां 'हनुमान अंश' ने लोगों को एक आंतरिक सुकून और संबल प्रदान किया है। यही वजह है कि तमाम बड़े विज्ञापनों और बड़े स्टारडम के बिना भी यह फिल्म केवल जनता के प्यार और आशीर्वाद के दम पर आज भारतीय बॉक्स ऑफिस की सबसे बड़ी सरप्राइज और प्रॉफिटेबल हिट फिल्मों की सूची में सबसे ऊपर आ गई है।