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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के हल्द्वानी में बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले की सुप्रीम कोर्ट में चल रही संवेदनशील सुनवाई और आगामी होली पर्व को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से लेकर पटरियों तक सुरक्षा का घेरा कड़ा कर दिया गया है। आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की संयुक्त टीमें रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात गश्त कर रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और अतिक्रमण का मामला

बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में 24 फरवरी को हुई सुनवाई के बाद से ही हलचल तेज है। प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना या अराजकता को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। आरपीएफ हल्द्वानी चौकी प्रभारी डीएस कश्यप के नेतृत्व में टीमें लगातार रेलवे ट्रैक के आसपास के संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण कर रही हैं। सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रेलवे की जमीन पर किसी भी नई गतिविधि या संदिग्ध निर्माण की तुरंत रिपोर्ट दी जाए।

बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों पर पैनी नजर

रेलवे पुलिस का मानना है कि महत्वपूर्ण अदालती सुनवाई से पहले अक्सर हल्द्वानी आने वाले यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होती है। इसे देखते हुए दिल्ली, लखनऊ और बरेली से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों की विशेष चेकिंग की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और उनकी गतिविधियों को नोट किया जा रहा है। जीआरपी थाना अध्यक्ष कमल कोरंगा के अनुसार, रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।

सुरक्षा के साथ जागरूकता पर भी जोर

प्रशासन केवल सख्ती ही नहीं बरत रहा, बल्कि रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। होली के त्योहार को देखते हुए भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादे कपड़ों में भी पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अराजकता को समय रहते रोका जा सके।