कोरोना ने फिर बढ़ाई टेंशन! आंध्र प्रदेश में 12 नए मामले और 4 मरीजों की मौत, जानें कौन हैं 'हाई रिस्क' पर

कोरोना ने फिर बढ़ाई टेंशन! आंध्र प्रदेश में 12 नए मामले और 4 मरीजों की मौत, जानें कौन हैं 'हाई रिस्क' पर

देश में जहां कोरोना वायरस के मामले बेहद कम हो चुके थे, वहीं एक बार फिर कोविड-19 ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। आंध्र प्रदेश से सामने आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में पिछले कुछ हफ्तों के भीतर कोरोना संक्रमण के 12 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 4 मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे किसी नए वेव या क्लस्टर का हिस्सा नहीं माना है, बल्कि इसे छिटपुट (Sporadic) मामले बताया है। फिर भी, मौतों के आंकड़ों ने जनता और प्रशासन दोनों को सतर्क कर दिया है।

राज्य के इन जिलों में मिले कोरोना के मरीज

आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त जी. वीरपांडियन के अनुसार, 26 जून से 16 जुलाई के बीच राज्य में कोरोना के ये मामले सामने आए हैं। इस साल का पहला कोविड केस 26 जून को कडप्पा जिले में दर्ज किया गया था।

  • कडप्पा: सबसे ज्यादा 8 मामले इसी जिले से सामने आए हैं, जिनमें से 3 मरीजों की मौत हुई है।

  • गुंटूर: यहां कोरोना संक्रमण के 2 मामले दर्ज किए गए हैं。

  • काकीनाडा और विशाखापत्तनम: दोनों जिलों में 1-1 मामला सामने आया है, जिसमें काकीनाडा के एक मरीज की मौत हो गई है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये सभी मामले अलग-अलग मंडलों से आए हैं, इसलिए यह किसी एक विशेष क्षेत्र में फैला हुआ प्रकोप (Cluster Outbreak) नहीं है।

मरने वाले सभी मरीजों में थी ये एक समान बात

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन 4 संक्रमित मरीजों की मौत हुई है, वे सभी पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं (Severe Comorbidities) से जूझ रहे थे। कोरोना संक्रमण होने के बाद उनकी स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई। अधिकारियों ने बताया कि इन मृतकों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension), शुगर (Diabetes), किडनी की बीमारी (Renal Ailments) और फेफड़ों से जुड़ी पुरानी व गंभीर बीमारियां थीं।

जानें कौन हैं इस समय 'हाई रिस्क' पर?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्वास्थ्य आयुक्त के अनुसार, आम जनता को पैनिक होने या घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ज्यादातर मामले माइल्ड (हल्के लक्षणों वाले) हैं। लेकिन कुछ खास वर्ग के लोगों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि वे 'हाई रिस्क' श्रेणी में आते हैं:

  • बुजुर्ग व्यक्ति (Elderly): बढ़ती उम्र के कारण कमजोर इम्यूनिटी वाले वृद्ध लोग।

  • गर्भवती महिलाएं (Pregnant Women): गर्भावस्था के दौरान शारीरिक बदलावों के कारण विशेष देखभाल की जरूरत होती है।

  • गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग (Comorbid Patients): जिन्हें पहले से डायबिटीज, दिल की बीमारी, अस्थमा या किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं।

  • कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग (Compromised Immune Systems): कैंसर या किसी अन्य क्रॉनिक बीमारी का इलाज करा रहे मरीज।

प्रशासन अलर्ट पर, जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए सैंपल

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी डॉक्टरों, अस्पतालों और पैरामेडिकल स्टाफ को स्टैंडबाय पर रहने का अलर्ट जारी कर दिया है। कडप्पा के रिम्स (RIMS) अस्पताल में एक समर्पित कोविड वार्ड भी तैयार किया गया है। इसके साथ ही, यह पता लगाने के लिए कि राज्य में कोरोना का कौन सा नया वेरिएंट एक्टिव है, मरीजों के 5 सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं।

देशभर की बात करें तो जुलाई महीने में अब तक भारत में 339 कोविड मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक 115 मामले केरल में हैं, इसके बाद कर्नाटक में 64 और महाराष्ट्र में 43 मामले मिले हैं।

Latest Posts