Hemant soren Govt. Approved medical protection Act. Health Minister Banna Gupta said this. | नए एक्ट में डॉक्टर व हेल्थ वर्कर्स के साथ मारपीट करना और हॉस्पिटल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अब गैर जमानतीय अपराध नहीं होगा

img

रांची2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता ने कहा है कि MPA को तैयार करने के लिए 4 राज्यों के नियमों का अध्ययन किया गया है। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता ने कहा है कि MPA को तैयार करने के लिए 4 राज्यों के नियमों का अध्ययन किया गया है। (फाइल फोटो)

झारखंड में MPA (मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट) (विधेयक) को हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता ने मंजूरी दे दी है। मानसून सत्र में इसे विधानसभा पेश किया जाएगा। जहां से पास होने के बाद यह कानून का रूप ले लेगा। मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को चार साल पहले 9 मई 2017 को ही कैबिनेट से हरी झंडी दी गई थी।

बाद में विधानसभा सचिवालय से वापस मंगाकर कुछ संशोधनों के साथ विभागीय मंत्री को प्रस्ताव के रूप में भेजा गया था। मेडिकल प्रोटेक्शन विधेयक में प्रवर समिति ने सजा के प्रविधान को कम कर दिया है। डॉक्टर व हेल्थ वर्कर्स के साथ मारपीट करना और हॉस्पिटल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अब गैर जमानतीय अपराध नहीं होगा।

‘गैर जमानतीय’ के स्थान पर ‘दंड प्रक्रिया संहिता के नियम 41 ए के प्रविधानों का अनुपालन किया जाएगा’ समिति ने इसे जोड़ने की अनुशंसा की है। इसके तहत आरोपी की गिरफ्तारी से पहले उसे लिखित नोटिस दिए जाने का प्रविधान किया गया है।

बिना पक्ष सुने आरोपी की नहीं हो सकेगी गिरफ्तारी
आरोपी का पक्ष सुने बिना उसकी गिरफ्तारी नहीं होगी। प्रवर समिति ने, आरोप सिद्ध होने पर दोषी व्यक्तियों को नुकसान हुई संपत्ति की दोगुनी राशि चुकानी होगी, के प्रविधान से ‘दोगुनी’ शब्द को हटाने की अनुशंसा की है। इससे अब नुकसान हुई संपत्ति की ही भरपाई करनी होगी। वहीं, दोषी करार दिए जाने पर तीन साल की सजा के प्रविधान को घटाकर 18 माह कर दिया गया है। इसमें 50 हजार रुपये जुर्माने के प्रविधान को बरकरार रखा गया है।

आगे क्या…
विधानसभा से मंजूरी मिलते ही राज्य में लागू कर दिया जाएगा
हेल्थ मिनिस्टर ने कहा है कि उन्होंने मेडिकल प्रोटेक्टशन एक्ट लागू किए जाने को लेकर बढ़ाई गयी संचिका पर अनुमति प्रदान कर दी है। साथ ही अधिकारियों को इसे विधानसभा के समक्ष रखने का निर्देश भी दे दिया है। विधान सभा से मंजूरी मिलने के साथ ही यह राज्य में लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए चार राज्यों में लागू मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट का अध्यन किया गया है।

खबरें और भी हैं…
Related News