कभी महिलाओं के बाल काटे, तो अब घर में घुसकर की तोड़फोड़; दरभंगा में आखिर कौन मचा रहा दहशत?
बिहार का सांस्कृतिक केंद्र माना जाने वाला दरभंगा जिला इन दिनों कुछ बेहद अजीबोगरीब और खौफनाक वारदातों के कारण सुर्खियों में है। जिले के कुछ खास इलाकों में अज्ञात तत्वों द्वारा फैलाई जा रही दहशत ने स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है। पिछले कुछ समय से यहां कभी महिलाओं के बाल रहस्यमयी तरीके से काट दिए जाने की खबरें सामने आ रही थीं, तो अब उपद्रवियों ने नया पैंतरा अपनाते हुए देर रात लोगों के घरों में जबरन घुसकर तोड़फोड़ (Vandalism) मचानी शुरू कर दी है। इस सिलसिलेवार उपद्रव के पीछे आखिर किसका हाथ है, इसे लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है और लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।
रात के अंधेरे में घरों को बनाया जा रहा निशाना
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, दहशत का यह नया दौर तब शुरू हुआ जब कुछ असामाजिक तत्वों ने रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों, खिड़कियों के शीशों और दरवाजों पर पथराव व तोड़फोड़ करना शुरू किया। कई मामलों में तो पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया है कि नकाबपोश बदमाश चहारदीवारी लांघकर आंगन तक में घुस आए और बर्तनों व कीमती सामानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। अजीब बात यह है कि इन घटनाओं में किसी तरह की बड़ी लूटपाट या डकैती की नीयत नहीं दिखती, बल्कि साफ तौर पर इलाके में सिर्फ और सिर्फ डर का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
बाल काटने की अफवाहों से लेकर तोड़फोड़ तक: पुलिसिया कार्रवाई पर 3 बड़े अपडेट
वारदातों के लगातार बढ़ने के बाद पीड़ित ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके बाद दरभंगा जिला पुलिस ने जांच के दायरे को बढ़ाते हुए अपनी मुस्तैदी तेज की है। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन ने मुख्य रूप से इन 3 स्तरों पर एक्शन प्लान तैयार किया है:
1.विशेष रात्रिकालीन गश्त (Night Patrol) शुरू:अपडेट 1.
दहशतजदा गांवों और कस्बों में पुलिस ने रात के समय गश्त बढ़ा दी है। सादे लिबास में भी पुलिस जवानों को तैनात किया गया है ताकि देर रात हुड़दंग मचाने वाले या संदिग्ध रूप से घूम रहे उपद्रवियों को रंगे हाथों दबोचा जा सके।
2.अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर:अपडेट 2.
पुलिस कप्तान (SP) के निर्देश पर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर 'चोटी कटवा' या 'रहस्यमयी साए' जैसी अंधविश्वास से भरी अफवाहें फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कुछ शरारती तत्व जानबूझकर इस तरह की कहानियां गढ़ रहे हैं।
3.स्थानीय युवाओं के साथ 'ग्राम रक्षा दल' सक्रिय:अपडेट 3.
पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए विलेज कमेटियों और युवाओं को सजग किया है। रात के समय ठीकरी पहरा (सामुदायिक पहरेदारी) की व्यवस्था शुरू की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दी जा सके।
अंधविश्वास और गैंगवार के बीच उलझी गुत्थी, जांच जारी
शुरुआती जांच में पुलिस इसे किसी स्थानीय शरारती गैंग या आपसी रंजिश के तहत डराने-धमकाने का मामला मानकर चल रही है। कुछ राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इलाके का माहौल बिगाड़ने और सांप्रदायिक या सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने के लिए यह सोची-समझी साजिश भी हो सकती है। दरभंगा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह के अंधविश्वास या अफवाह में न आएं और यदि रात के समय कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखे, तो कानून हाथ में लेने के बजाय तुरंत नजदीकी थाने या कंट्रोल रूम को सूचित करें।