'क्या लॉजिक है..' गंभीर की प्लेइंग-XI पर बरसे सवाल, कोच ने खुद पैर पर यूं मारी कुल्हाड़ी

'क्या लॉजिक है..' गंभीर की प्लेइंग-XI पर बरसे सवाल, कोच ने खुद पैर पर यूं मारी कुल्हाड़ी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर हमेशा अपने बेबाक अंदाज और लीक से हटकर फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन हालिया मुकाबलों में उनके द्वारा चुनी गई प्लेइंग-इलेवन (Playing XI) को लेकर क्रिकेट गलियारों में बवाल मच गया है। फैंस से लेकर पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों तक, हर कोई हैरान है और सोशल मीडिया पर एक ही सवाल गूंज रहा है— आखिर इस टीम सिलेक्शन के पीछे क्या लॉजिक है? विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ अजीबोगरीब फैसलों के कारण कोच ने खुद अपनी रणनीतियों पर कुल्हाड़ी मार ली है।

इन-फॉर्म खिलाड़ियों को बाहर बिठाने पर भड़के फैंस

क्रिकेट प्रेमियों के गुस्से की सबसे बड़ी वजह लगातार शानदार फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को बेंच पर बिठाना और आउट-ऑफ-फॉर्म खिलाड़ियों को बार-बार मौके देना है। जब कोई खिलाड़ी पिछली सीरीज में मैच जिताऊ पारी खेलकर आ रहा हो और उसे अचानक अगली ही सीरीज के अहम मैच की प्लेइंग-इलेवन से ड्रॉप कर दिया जाए, तो सवाल उठना लाजिमी है। सोशल मीडिया पर फैंस कोच गंभीर के इस 'रोटेशन और एक्सपेरिमेंट' वाले दांव को पूरी तरह से फेल बता रहे हैं।

बैटिंग ऑर्डर के साथ छेड़छाड़ पड़ी भारी

गौतम गंभीर के कार्यकाल में जो एक और बड़ी बात देखने को मिल रही है, वह है बल्लेबाजी क्रम के साथ लगातार किया जा रहा बदलाव। किसी भी सेट बल्लेबाज को अचानक लोअर ऑर्डर में भेज देना या किसी फिनिशर को टॉप ऑर्डर में आजमाना, टीम के कॉम्बिनेशन को बिगाड़ रहा है। जानकारों का कहना है कि टी-20 और वनडे जैसे सीमित ओवरों के खेल में स्थिरता सबसे ज्यादा जरूरी होती है, लेकिन भारतीय टीम का बैटिंग ऑर्डर म्यूजिकल चेयर का खेल बनता जा रहा है, जिसका सीधा असर टीम के नतीजों पर दिख रहा है।

पिच की समझ और गेंदबाजी चयन में बड़ी चूक

सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि पिच की परिस्थितियों को भांपने और उसके हिसाब से गेंदबाजों को चुनने में भी रणनीतिक गलतियां सामने आई हैं। टर्निंग ट्रैक पर अतिरिक्त तेज गेंदबाज को खिलाना या तेज गेंदबाजों की मददगार पिच पर स्पिनर्स पर ज्यादा भरोसा दिखाना, ऐसे फैसले रहे हैं जिसने विपक्षी टीम का काम आसान कर दिया। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी जब इन रणनीतियों को लेकर सवाल किए गए, तो मैनेजमेंट के पास कोई ठोस जवाब नहीं था।

गंभीर की आक्रामक शैली पर उठने लगे सवाल

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को अपनी मेंटरशिप में आईपीएल जिताने के बाद गंभीर से टीम इंडिया को काफी उम्मीदें थीं। उनकी आक्रामकता को टीम के लिए एक्स-फैक्टर माना जा रहा था। मगर इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके ये ताबड़तोड़ प्रयोग अब टीम की लय बिगाड़ रहे हैं। अगर गंभीर ने समय रहते अपनी इस 'एक्सपेरिमेंटल' सोच पर लगाम नहीं लगाई और एक संतुलित कोर टीम तैयार नहीं की, तो आने वाले बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारतीय टीम को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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